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ISIS: असम पुलिस ने बताया कैसे गिरफ्त में आया आईएसआईएस इंडिया का प्रमुख, जानें क्या थी योजना
Thu, 21 Mar 2024 06:55 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 21 Mar 2024 06:55 PM IST
सार
आईएसआईएस इंडिया प्रमुख और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी से जुड़े किस्से को साझा करते हुए असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 15 दिनों से लगातार नजर रखी जा रही थी।
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भारत में इस्लामिक स्टेट चीफ हारिस फारूकी और उसका सहयोगी गिरफ्तार
- फोटो : ani
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विस्तार
आईएसआईएस इंडिया प्रमुख हारिस फारूकी उर्फ हरीश अजमल फारुखी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान को बांग्लादेश से सीमा पार करने के बाद बुधवार को असम के धुबरी जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के 15 दिनों के विश्लेषण और स्थानीय लिंक की तलाश के बाद यह कार्रवाई की गई।
एनआईए को सौंपे दिए गए पकड़े गए दो आतंकी
एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक पार्थसारथी महंत ने कहा कि दो आईएसआईएस आंतकियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। हमें लगभग 15 दिन पहले एक केंद्रीय एजेंसी से जानकारी मिली थी कि धुबरी के कुछ हिस्सों में आईएसआईएस आतंकी की संभावित आवाजाही हो सकती है। इनपुट विश्वसनीय थे और इसलिए एसटीएफ को शामिल किया गया था। इस बीच, एनआईए ने भारत में आईएसआईएस के दो आतंकी हारिस फारूकी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान, जिन्हें असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, को गुवाहाटी में एनआईए अदालत में पेश किया।
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15 दिनों तक विश्लेषण के बाद की आतंकियों पर कार्रवाई- महंत
महंत ने कहा, इसके बाद एसटीएफ ने संभावित क्षेत्रों पर काम करना शुरू कर दिया था, यदि कोई स्थानीय लिंक हो तो उसे ढूंढने की कोशिश की और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक योजना तैयार की थी।
आईजीपी ने कहा कि पुलिस के पास पहले से ही आईएसआईएस आंतकियों की तस्वीरें थीं और उनमें से दो सड़क पर चल रहे लोगों से मेल खाती थीं। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और तुरंत गुवाहाटी ले आए।' हमने उन्हें कल रात ही एनआईए को सौंप दिया। एनआईए उन्हें दिल्ली और अन्य स्थानों पर ले जाएगी, जहां दोनों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने गिरफ्तारी को देश में आतंकवाद का मुकाबला करने के राष्ट्रीय प्रयास में अंतर-एजेंसी तालमेल का परिणाम बताया। सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों की टीम को बधाई। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने (नाम न छापने की शर्त पर) कहा कि दोनों आईएसआईएस कैडर दिल्ली मॉड्यूल से संबंधित एनआईए मामले में वांछित हैं, जिसमें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की घटनाएं शामिल हैं।
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एनआईए को सौंपे दिए गए पकड़े गए दो आतंकी
एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक पार्थसारथी महंत ने कहा कि दो आईएसआईएस आंतकियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। हमें लगभग 15 दिन पहले एक केंद्रीय एजेंसी से जानकारी मिली थी कि धुबरी के कुछ हिस्सों में आईएसआईएस आतंकी की संभावित आवाजाही हो सकती है। इनपुट विश्वसनीय थे और इसलिए एसटीएफ को शामिल किया गया था। इस बीच, एनआईए ने भारत में आईएसआईएस के दो आतंकी हारिस फारूकी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान, जिन्हें असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, को गुवाहाटी में एनआईए अदालत में पेश किया।
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#WATCH | Assam: NIA produced two top leaders of ISIS in India (Haris Farooqui and his associate Anurag Singh alias Rehan, who were arrested by the Special Task Force (STF) of Assam Police, in the NIA court in Guwahati. pic.twitter.com/FYqEe4wUAT
— ANI (@ANI) March 21, 2024
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15 दिनों तक विश्लेषण के बाद की आतंकियों पर कार्रवाई- महंत
महंत ने कहा, इसके बाद एसटीएफ ने संभावित क्षेत्रों पर काम करना शुरू कर दिया था, यदि कोई स्थानीय लिंक हो तो उसे ढूंढने की कोशिश की और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक योजना तैयार की थी।
आईजीपी ने कहा कि पुलिस के पास पहले से ही आईएसआईएस आंतकियों की तस्वीरें थीं और उनमें से दो सड़क पर चल रहे लोगों से मेल खाती थीं। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और तुरंत गुवाहाटी ले आए।' हमने उन्हें कल रात ही एनआईए को सौंप दिया। एनआईए उन्हें दिल्ली और अन्य स्थानों पर ले जाएगी, जहां दोनों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने गिरफ्तारी को देश में आतंकवाद का मुकाबला करने के राष्ट्रीय प्रयास में अंतर-एजेंसी तालमेल का परिणाम बताया। सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों की टीम को बधाई। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने (नाम न छापने की शर्त पर) कहा कि दोनों आईएसआईएस कैडर दिल्ली मॉड्यूल से संबंधित एनआईए मामले में वांछित हैं, जिसमें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की घटनाएं शामिल हैं।