क्या सच में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पास शब्द कम पड़ गए हैं! जानिए वजह
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर अंग्रेजी के शब्दों के बेहतर प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। कठिन अंग्रेजी में किये गए उनके ट्वीट्स अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। हालांकि इस बार चर्चा का मुद्दा यह है कि क्या शशि थरूर के पास शब्दों की कमी हो गई है!
शशि थरूर सोशल मीडिया पर बार-बार पुराने शब्दों का प्रयोग करते देखे गए। उन्होंने पीएम मोदी के 90 मिनट के भाषण पर उसी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका उन्होंने अपनी पत्नी की मौत पर उठे सवालों के जवाब देने में किया था। इन ट्वीट्स को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं।
#WATCH: Congress leader Shashi Tharoor says, 'PM might be a terrific orator but this speech (in Lok Sabha) is a farrago of misrepresentations and half truth'. pic.twitter.com/QGqVf6FDYe
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 7, 2018
पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत पर उठाये गए सवालों पर शशि थरूर ने यह ट्वीट किया था।
Exasperating farrago of distortions, misrepresentations&outright lies being broadcast by an unprincipled showman masquerading as a journalst
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 8, 2017
थरूर ने पीएम के भाषण पर 'फेरागो ऑफ मिसरिप्रिजेन्टेशन' शब्द का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि शशि थरूर ने मई में भी ब्रिटिश पत्रकार मेहदी हसन के मुहावरे 'अ फेरागो ऑफ डिसटॉरसन एण्ड मिसरिप्रिजेन्टेशन' का प्रयोग किया था। यह वह दौर था जब उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर मामले में उन पर कुछ आरोप लगे थे।
थरूर के इस ट्वीट ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं और इसका मतलब समझने के लिए लोगों को डिक्शनरी खोलनी पड़ी थी।