क्या पश्चिम बंगाल में एनआरसी को लेकर वोटों का ध्रुवीकरण कराने में लगे हैं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह?
राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (एनआरसी) को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का बयान कांग्रेस पार्टी का सिर दर्द बढ़ा रहा है। कांग्रेस पार्टी का सोशल मीडिया विभाग एनआरसी पर भाजपा की ओर से चलाए जा रहे तीर की काट खोजने में जुटा है। पार्टी के सोशल मीडिया के इंचार्ज रोहन गुप्ता का कहना है कि भाजपा का मकसद एनआरसी मुद्दे पर हवा बना कर वोटों का ध्रुवीकरण करना है। कांग्रेस पार्टी की नेता सुष्मिता देव का भी कहना है कि एनआरसी को लेकर भाजपा की नीयत ठीक नहीं है।
पश्चिम बंगाल में क्या कहा अमित शाह ने?
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह देश के गृहमंत्री भी हैं। अमित शाह मंगलवार एक अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। कोलकाता में जनसभा के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मैं आज हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई शरणार्थियों को कहना चाहता हूं कि केंद्र आपको भारत छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगा। अमित शाह ने कहा कि एनआरसी के पहले हम नागरिकता संशोधन विधेयक लेकर आएंगे। यह विधेयक आपकी भारतीय नागरिकता को सुनिश्चित करेगा। इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि वह देश से घुसपैठियों को बाहर करेंगे।
क्या है अमित शाह का आशय?
- मुसलमान घुसपैठिए आतंकवाद पैदा करने आते हैं
- मुसलमान घुसपैठिए ममता के वोट बैंक हैं
- हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई डरकर बांग्लादेश से आते हैं
अमित शाह के इस बयान पर पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, उपाध्यक्ष रॉबिन चटर्जी से बार-बार के प्रयास के बाद बात नहीं हो सकी, लेकिन पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि राज्य में तमाम बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। ये राज्य की कानून-व्यवस्था, पहचान तथा सामाजिक ताने-बाने के लिए बड़ी समस्या है। भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसे घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा। जोर देकर पूछे जाने पर सूत्र कहते हैं कि ये घुसपैठिए बांग्लादेशी मुसलमान हैं।
भाजपा पश्चिम बंगाल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकमल पाठक का कहना है कि बांग्लादेश से मुसलमानों के अलावा आने वाले अन्य (हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई) घुसपैठिए डर के मारे आते हैं। ये अपनी बहन बेटी के बलात्कार, हिंसा आदि भय के कारण आते हैं। जबकि मुसलमान घुसपैठिया तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी का वोट बैंक हैं और यहां आकर आतंकवादी घटना को अंजाम देते हैं।