फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Iraqi official said that 39 indian shot dead over a year ago

इराकी अधिकारी का खुलासा, एक साल पहले हुई थी 39 भारतीयों की हत्या

Thu, 22 Mar 2018 11:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोसुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोसुल Updated Thu, 22 Mar 2018 11:49 AM IST
विज्ञापन
Iraqi official said that 39 indian shot dead over a year ago
iraq issue

इराक में लापता 39 भारतीयों को आतंकी संगठन आईएसआईएस ने साल 2014 में किडनैप कर लिया था। और सभी भारतीयों की हत्या कर दी थी। जांच में सामने आया है कि ज्यादातर भारतीयों के सिर में गोली मारी गई है। 

विज्ञापन


इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ जैद अली अब्बास ने बताया कि शवों को मोसुल के करीब बादुश नाम के टीले से लाया गया। इन शवों को कब्र से खोदकर बाहर निकाला गया था। ऐसे में उनकी पहचान कर पाना मुश्किल था। डॉक्टर के मुताबिक ज्यादातर के सिर में गोली मारी गई थी।  
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि जब हमारे पास शव आए थे, तब वह सिर्फ कंकाल मात्र बचे थे। शरीर पर मांस भी नहीं बचा था। फोरेंसिक के हिसाब से देखा जाए, तो इन शवों की मौत एक साल पहले हुई रही होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को संसद में बताया था कि इराक में सभी 39 लापता भारतीयों की मौत हो चुकी है। प्रेस कांफ्रेंस में जब उनके मौत के कारण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी मौत कब हुई, यह सवाल आप्रासंगिक है, क्योंकि शवों की तलाश हम तक नहीं कर सकते थे जब तक मोसुल मुक्त नहीं हुआ था। फिर चाहे मौत 6 महीने पहले हुई हो या फिर 2 साल पहले। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि आईएसआईएस के कब्जे से मोसुल के मुक्त होते ही वीके सिंह को भेजा गया था। आपको बता दें कि उन्होंने 9 और 10 जुलाई को इराक भेजा गया था।  वहीं इस पूरे मामले से संबंधित, इराक से वापस लौटे इकलौते भारतीय हरजीत मसीह ने बताया था कि सभी भारतीयों को लाइन में खड़ा करके उनके सिर में गोली मार दी गई थी।  

शवों के इंतजार में बिलख रहे परिजन

Iraqi official said that 39 indian shot dead over a year ago
इराक में भारतीयों की मौत के बाद बिलखते परिजन

इराक में आतंकियों के हाथों मारे गए 39 परिजनों के शवों को भारत आने में अभी कम से कम दस दिन का वक्त लग सकता है। वहीं परिवार वाले जो पिछले चार साल से रोजाना दरवाजे का रास्ता देखते थक जाते थे, अब उनको शवों का इंतजार है। तमाम कानूनी प्रक्रिया को पूरी होने में दस दिन का वक्त लग सकता है और ऐसे में अगले दस दिन तक घरों में शोक पसरा रहेगा।

केंद्र सरकार की तरफ से इराक सरकार को पुख्ता सुबूत सौंपे जाएंगे कि मरने वाले 39 भारतीय हैं और इसके बाद शवों की पैकिंग कर भारत सरकार को सौंपे जाएंगे और बाद में इनको भारत लाकर उनके परिवार वालों को सौंपा जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह कह चुके हैं कि इस प्रक्रिया में दस दिन का वक्त लग सकता है। लेकिन परिवार वालों को यह दस दिन भी दस साल के बराबर महसूस हो रहे हैं। वहीं परिवार वालों ने सरकार से मांग की है कि हालात को देखते हुए शवों को जल्दी भारत लाने की व्यवस्था की जाए।

नकोदर के निकट गांव अलेवाल में मामा-भांजे के शव एक साथ गांव में आएंगे। मामा नंद लाल व उसका भांजा संदीप दोनों ही इराक में थे और दोनों को आईएस ने मार दिया था। गांव अलेवाल का रहने वाला संदीप कुमार 2012 में इराक गया था, जहां पर वह अपने मामा नंद लाल के पास रह रहा था। सुमित्रा देवी के भाई नंद लाल व बेटे संदीप के शवों को जल्दी भारत लाने की मांग की है। नकोदर नगर काउंसिल के प्रधान आदित्य भटारा मनु का कहना है कि आगे ही परिवार वालों का पल पल गुजारना मुश्किल हो चुका है, जो जख्म चार साल पहले हुआ था, आज वह फूटा है। उनका दर्द समझना चाहिए और जल्द से जल्द शवों को भारत लाकर उनकी अंतिम रस्म करनी चाहिए।
     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed