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बहाई समुदाय पर अत्याचार बंद करे ईरान : एनजीओ
Sun, 31 Jan 2021 04:01 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 31 Jan 2021 04:01 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन
- फोटो : facebook
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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (आईएचआरओ) ने ईरानी अधिकारियों से अपने बहाई समुदाय के नागरिकों पर हो रहे हर तरह के अत्याचार को बंद करने की अपील की है।
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दिल्ली स्थित एनजीओ ने अपने बयान में कहा कि ईरान की इस्लामिक सरकार 1979 से ही सुनियोजित ढंग से बहाई समुदाय पर उत्पीड़न का अभियान चला रही है। अब तक 200 से अधिक ईरानी बहाई नागरिकों की हत्या या मारा जा चुका है। हजारों को गिरफ्तार किया गया है और दसियों हजार लोग नौकरी, पेंशन और शिक्षा के अवसरों से वंचित हैं।
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एनजीओ ने दावा किया कि 2010 में इवेल में बहाई समुदाय के 50 घरों को गिरा दिया गया था। यह बयान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. जीवी राव और अन्य ने जारी किया।
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बहाई को दुनिया के सबसे नए धर्मों में गिना जाता है। इसकी स्थापना बहाउल्लाह ने 1863 में ईरान में की थी। इस समुदाय के लोग मानते हैं कि दुनिया के सभी धर्म सच्चे हैं और सभी लोगों को मानवता के फायदे के लिए मिलकर काम करना चाहि। दुनियाभर में बहाई धर्म को मानने वालों की संख्या करीब 50 लाख है।
माना जाता है कि बहाई धर्म का उदय इस्लाम की शिया शाखा से ही हुआ। हालांकि बहाई अपने ही ही देश में उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। नई दिल्ली का प्रसिद्ध लोटस टैंपल बहाई समुदाय ने ही बनाया था। देश में इस समुदाय के करीब 20 लाख अनुयायी हैं।