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Iran: पहलगाम हमले को लेकर ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात, महात्मा गांधी और पंडित नेहरू का किया जिक्र
Sun, 27 Apr 2025 10:22 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 27 Apr 2025 10:22 AM IST
सार
पेजेशकियन ने भारत और ईरान के बीच व्यापार और बुनियादी ढांचे के सहयोग के विस्तार की भी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास से भारत, ईरान और रूस के बीच इस क्षेत्र में रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात करते पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और साथ ही आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। यह भारत में बीते दशक का सबसे बड़ा आतंकी हमला था, जिसने दुनिया को झकझोर कर रख दिया।
पहलगाम हमले पर किया भारत का समर्थन
भारत का समर्थन करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने आतंकवाद को जड़ से मिटाने की जरूरत पर बल दिया। राष्ट्रपति ने कहा, 'ये दुखद घटनाएं क्षेत्र के सभी देशों की साझा जिम्मेदारी को बढ़ाती हैं और सहानुभूति, एकजुटता और घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से आतंकवाद की जड़ों को मिटाने के लिए मजबूर करती हैं, तभी क्षेत्र में स्थायी शांति और सौहार्द सुनिश्चित हो सकेगा।' उन्होंने भारत के संस्थापक नेताओं महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विरासत का भी उल्लेख किया और उन्हें 'शांति और मित्रता के दूत' कहा। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने बताया कि राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान, भारत और महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे इसके प्रमुख नेताओं - जो शांति, मित्रता और सह-अस्तित्व के दूत थे - का बहुत सम्मान करता है। राष्ट्रपति ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत की यह भावना सभी देशों के साथ संबंधों में बनी रहेगी।
ये भी पढ़ें- तनाव: पाकिस्तान के हिस्से वाले पानी के अधिकतम इस्तेमाल पर मंथन, सिंधु जल समझौता रोकने के बाद रखा गया प्रस्ताव
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व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर भी हुई बात
पेजेशकियन ने भारत और ईरान के बीच व्यापार और बुनियादी ढांचे के सहयोग के विस्तार की भी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास से भारत, ईरान और रूस के बीच इस क्षेत्र में रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। बता दें कि भारत द्वारा विकसित चाबहार बंदरगाह को मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार के लिए प्रवेश द्वार माना जाता है। ईरान राष्ट्रपति ने दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने के लिए पीएम मोदी को तेहरान भी आमंत्रित किया है।
ये भी पढ़ें- Indian Army: डर की वजह से छटपटा रहा पाकिस्तान, एलओसी पर लगातार तीसरे दिन फायरिंग; भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब
पीएम मोदी ने भी शाहिद राजाई बंदरगाह पर हुए विस्फोट पर जताया दुख
बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर ईरान की सहानुभूति की सराहना की। उन्होंने ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह शाहिद राजाई बंदरगाह पर कल हुए भीषण विस्फोट पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। ईरान में हुए इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। उल्लेखनीय है कि ईरान ने पहलगाम हमले के चलते भारत-पाकिस्तान में बढ़े तनाव के बीच मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति ने भी पीएम मोदी से की बात
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भी पीएम मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने भारत को समर्थन देने की बात कही। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद के इसके सभी रूपों में खारिज किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने भी यूएई के राष्ट्रपति के संवेदना व्यक्त करने को सराहा।
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पहलगाम हमले पर किया भारत का समर्थन
भारत का समर्थन करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने आतंकवाद को जड़ से मिटाने की जरूरत पर बल दिया। राष्ट्रपति ने कहा, 'ये दुखद घटनाएं क्षेत्र के सभी देशों की साझा जिम्मेदारी को बढ़ाती हैं और सहानुभूति, एकजुटता और घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से आतंकवाद की जड़ों को मिटाने के लिए मजबूर करती हैं, तभी क्षेत्र में स्थायी शांति और सौहार्द सुनिश्चित हो सकेगा।' उन्होंने भारत के संस्थापक नेताओं महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विरासत का भी उल्लेख किया और उन्हें 'शांति और मित्रता के दूत' कहा। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने बताया कि राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान, भारत और महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे इसके प्रमुख नेताओं - जो शांति, मित्रता और सह-अस्तित्व के दूत थे - का बहुत सम्मान करता है। राष्ट्रपति ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत की यह भावना सभी देशों के साथ संबंधों में बनी रहेगी।
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व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर भी हुई बात
पेजेशकियन ने भारत और ईरान के बीच व्यापार और बुनियादी ढांचे के सहयोग के विस्तार की भी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास से भारत, ईरान और रूस के बीच इस क्षेत्र में रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। बता दें कि भारत द्वारा विकसित चाबहार बंदरगाह को मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार के लिए प्रवेश द्वार माना जाता है। ईरान राष्ट्रपति ने दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने के लिए पीएम मोदी को तेहरान भी आमंत्रित किया है।
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पीएम मोदी ने भी शाहिद राजाई बंदरगाह पर हुए विस्फोट पर जताया दुख
बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर ईरान की सहानुभूति की सराहना की। उन्होंने ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह शाहिद राजाई बंदरगाह पर कल हुए भीषण विस्फोट पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। ईरान में हुए इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। उल्लेखनीय है कि ईरान ने पहलगाम हमले के चलते भारत-पाकिस्तान में बढ़े तनाव के बीच मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति ने भी पीएम मोदी से की बात
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भी पीएम मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने भारत को समर्थन देने की बात कही। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद के इसके सभी रूपों में खारिज किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने भी यूएई के राष्ट्रपति के संवेदना व्यक्त करने को सराहा।
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