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निवेश मंत्र: एनएफओ लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न का मौका, डायनेमिक एसेट अलोकेशन फंड भी बेहतर
Mon, 11 Dec 2023 07:08 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 11 Dec 2023 07:08 AM IST
सार
आईपीओ में जिस तरह निवेश का अच्छा खासा मौका मिल रहा है, उसी तर्ज पर म्यूचुअल फंडों के एनएफओ में भी निवेशकों के पास अवसर है। एनएफओ में लंबी अवधि के निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल रहा है। फंड हाउसों के इन एनएफओ को लेकर रुझान का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
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- फोटो : istock
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विस्तार
म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इस साल अक्तूबर तक कुल 142 नए फंड ऑफर (एनएफओ) से 51,399 करोड़ रुपये जुटाए हैं। पिछले साल इन कंपनियों ने 32,200 करोड़ जुटाए थे। शेयर बाजार की तेजी में 28,429 करोड़ रुपये इक्विटी फंडों में लगाए गए हैं। सितंबर तिमाही में यह सिर्फ 10,516 करोड़ रुपये था। इस साल 20 एनएफओ से सर्वाधिक 12,372 करोड़ थीमेटिक फंड से जुटाए गए हैं।
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डायनेमिक एसेट अलोकेशन फंड भी बेहतर
विश्लेषकों का मानना है कि डायनेमिक एसेट अलोकेशन फंड भी निवेश के लिए बेहतर है। सैमको एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी उमेश कुमार मेहता कहते हैं कि सैमको ने इसी कैटेगरी में नया फंड ऑफर लॉन्च किया है, जो 21 दिसंबर को बंद होगा। यह अनूठा फंड निवेशकों को स्थिरता देने, विकास क्षमता बढ़ाने और नकारात्मक पक्ष से सुरक्षा देने के लिहाज से बनाया गया है।
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यह भारत का पहला इस तरह का फंड है, जो कठिन समय में पूरी तरह से डेट में स्थानांतरित हो जाता है। अधिकांश अन्य हाइब्रिड या डायनेमिक एसेट फंड आय के मूल्य या प्राइस टु बुक के मूल्यांकन का पालन करते हैं।
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बाजार की अस्थिरता प्रमुख चुनौतियांं
निवेशकों के सामने प्रमुख चुनौतियों में से एक है, बाजार की अस्थिरता और गिरावट का डर। ऐसे फंड इन चिंताओं को पहचानते हैं और अस्थिरता व गिरावट को कम करने पर ध्यान देते हैं। इस मॉडल के जरिये फंड को बाजार के रुझान के आधार पर अपने इक्विटी निवेश को शून्य से 100 तक किया जा सकता है।
वास्तविक समय में इक्विटी और डेट निवेश के बीच तेजी से बदलाव कर यह फंड जोखिमों को कम करता है। इससे निवेशकों को सुरक्षा और स्थिरता मिलती है। ऐसे फंड मुख्य रूप से बाजार में जब तेजी हो तो निवेश ज्यादा करते हैं। जब बाजार टूट रहे हों तो शुद्ध इक्विटी निवेश शून्य तक हो जाता है।
आईपीओ की तरह ही है एनएफओ
जिस तरह कोई कंपनी बाजार में सूचीबद्ध होने या निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाती है, उसी तर्ज पर म्यूचुअल फंड कंपनियां भी बाजार से पैसा जुटाने के लिए एनएफओ लाती हैं। इस तरह की स्कीमों में पहले 15 दिन तक निवेश का मौका मिलता है। उसके बाद फिर से ऐसी स्कीमें हमेशा के लिए खुल जाती हैं।
मुझे उम्मीद है कि अगले साल भी एनएफओ का रुझान इसी तरह बना रहेगा। फंडों के वर्गीकरण को ध्यान में रखते हुए फंड हाउस नए फंड ला रहे हैं। कुछ फंड हाउसों ने थीम के आधार पर नई स्कीम लॉन्च की है। -ए बालासुब्रमणियन प्रबंध निदेशक, आदित्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी