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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ ‘बड़ी साजिश’ की जांच पूरी
Wed, 21 Aug 2019 09:36 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 21 Aug 2019 09:36 PM IST
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रंजन गोगोई (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित एक सदस्यीय जांच समिति ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ ‘बड़ी साजिश’ रचे जाने के आरोपों की जांच पूरी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके पटनायक की मौजूदगी वाली जांच समिति अपनी रिपोर्ट सितंबर के मध्य तक तैयार करने के बाद शीर्ष अदालत को सौंप सकती है। सूत्रों ने बताया कि जस्टिस पटनायक ने मंगलवार को इस मामले में वकील उत्सव सिंह बैंस से पूछताछ की थी।
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दिन में 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चली पूछताछ में बैंस के बयान भी दर्ज किए गए। सूत्रों ने कहा कि जस्टिस पटनायक के कार्यालय में हुई यह पूछताछ तकरीबन दो घंटे तक चली। बता दें कि बैंस वहीं वकील हैं, जिन्होंने शीर्ष अदालत में पीठ में जजों के नाम तय करने तक को ‘फिक्स’ किए जाने सहित कई आरोप लगाए थे। सूत्रों ने कहा, जस्टिस पटनायक की समिति ने बैंस और अन्य लोगों की तरफ से इस मामले में दाखिल किए गए दस्तावेजों की जांच की।
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अब समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी और सितंबर के दूसरे सप्ताह में सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट की उचित पीठ को सौंप देगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे सुनवाई दोबारा शुरू करेगा। शीर्ष अदालत के जस्टिस अरुण मिश्रा की विशेष पीठ ने बैंस के आरोपों की जांच के लिए 25 अप्रैल को समिति गठित की थी और सीबीआई तथा आईबी के निदेशकों के साथ ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी जरूरत पड़ने पर जस्टिस पटनायक का सहयोग करने को कहा था।
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यौन उत्पीड़न के आरोपों से नहीं जुड़ी थी जांच
चीफ जस्टिस के खिलाफ साजिश की यह जांच उनके ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़ी नहीं थी। जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने साजिश की जांच के आदेश देते समय ही स्पष्ट कर दिया था कि इस जांच में शीर्ष अदालत की पूर्व कर्मचारी द्वारा चीफ जस्टिस के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को शामिल नहीं किया जाएगा।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच समिति ने चीफ जस्टिस को पहले ही क्लीन चिट दे दी थी। जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता में दो महिला जजों जस्टिस इंदु मल्होत्रा व जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने छह मई को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि चीफ जस्टिस के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई दम नहीं पाया गया है।