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समुद्र की लहरों से मौसम के पूर्वानुमान का सटीक अंदाजा लगाने का नया तरीका
Sun, 09 Aug 2020 03:37 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 09 Aug 2020 03:37 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन सूचना सेवा केंद्र हैदराबाद-आईएनसीओआईएस के शोधकर्ताओं ने समुद्र की लहरों से मौसम के पूर्वानुमान को सटीक बनाने का तरीका खोज निकाला है। इससे लहरों के इस पूर्वानुमान से मौसम की भविष्यवाणी को और अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
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इसके तहत उन्होंने पता लगाया कि कुछ बोरियल समर इंट्रा (हिंद महासागर से बहने वाली गरम हवाएं) मौसमी दोलन या बीएसआईएसओ की कुछ चरण उच्च तरंगों को प्रेरित करते हैं। यह लहर उत्तरी हिंद महासागर से अरब सागर की ओर बहती हैं।
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इसके अलावा इस अध्ययन से लगने वाले सटीक पूर्वानुमानों की सहायता से देश के तटीय क्षेत्रों में उच्च लहरों से होने वाले नुकसान, तटीय इलाकों में आने वाली बाढ़ के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं इस खोज के चलते अब समुद्री रास्तों के नियोजन में भी खासतौर पर हिंदमहासागर में समुद्र नेविगेशन को तय करने में खासी आसानी होगी।
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गणितीय डेटा विश्लेषण मॉडल का उपयोग करके अनुसंधान टीम बीएसआईएसओ के विभिन्न चरणों और हिंद महासागर में लहरों की ऊंचाई के बीच संबंध का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि बीएसआईएसओ के सक्रिय चरणों से प्रेरित तरंगें उन तंरगों की तुलना में लगभग 0.5 मीटर अधिक हैं, जो कि बीएसआईएसओ के अन्य चरणों के दौरान होते हैं।
बीएसआईएसओ के सक्रिय चरण जून से अगस्त के बीच होते हैं यह मानसून की गर्मी के महीने हैं। इसलिए मौसम और जलवायु के विकास के लिहाज से यह खोज बहुत महत्वपूर्ण है।