माल्या पर इंटरपोल ने भारत को दिया बड़ा झटका
बैंकों के साथ 9 हजार करोड़ के गबन के आरोपी विजय माल्या को देश वापस लाने की ईडी की मुहिम को जोरदार झटका लगा है। मामले में ईडी के निवेदन को इंटरपोल ने खारिज कर दिया है। इंटरपोल ने इस मुद्दे पर माल्या के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने की वजह से उनके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने से इंकार कर दिया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार भारत के प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) की ओर से इस संबंध में 12 मई को इंटरपोल से संपर्क किया गया था। ईडी की ओर से इंटरपोल को भेजे गए निवेदन में भारत में बैंकों का पैसा डकारने के आरोपी विजय माल्या के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने की मांग की गई थी।
लेकिन इंटरपोल की ओर से इस पर कुछ आपत्ति लगाते हुए उनका निवेदन वापिस कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार इंटरपोल की ओर से कहा गया है कि माल्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए ईडी की ओर से भेजे गए साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं।
माल्या के खिलाफ की थी रेड कार्नर नोटिस जारी करने की मांग
इंटरपोल की ओर से भेजे गए जवाब में बताया गया है कि यह मामला वित्तीय अनियमितताओं का है इसलिए माल्या के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती। वहीं माल्या के मुद्दे पर भाजपा को यह दूसरा झटका लगा है इससे पहले इंग्लैंड उनके प्रत्यर्पन से भी इंकार कर चुका है।
वहीं इंटरपोल की ओर से भी भारत को यह लगातार दूसरा झटका दिया गया है। इससे पहले वह आईपीएल के दागदार पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ कार्रवाई से भी इंकार कर चुका है।
हालांकि मामले में ईडी ने अब नए सिरे से कवायद शुरू कर दी है। इंटरपोल की ओर से रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने के लिए ईडी इस बार म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) के तहत नए सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।