अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: एक मिनट में हाथों के बल 100 मीटर चलने का विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे उत्तम
- जौनपुर के उत्तम अग्रहरी के नाम दर्ज है एक साथ सबसे ज्यादा लोगों के साथ 108 बार सूर्य नमस्कार करने का लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड
- अमेरिका सहित कई देशों के क्लाइंट्स को ऑनलाइन माध्यम से योग सिखा कर कर रहे जबर्दस्त कमाई
- अच्छी कलात्मक अभिव्यक्ति शैली और शरीर विज्ञान की अच्छी जानकारी से योग में मिल सकती है अंतरराष्ट्रीय सफलता
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बारहवीं की पढ़ाई कर बाहर निकले उत्तम अग्रहरि को यह पता नहीं था कि अपना करियर बनाने के लिए उन्हें अब किस दिशा में जाना चाहिए। इसी दौरान योग में रूचि होने के कारण उन्होंने पतंजली योग विद्यापीठ में प्रवेश ले लिया।
योग सीखने के दौरान ही चेन्नई की एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को तनाव से मुक्त रखने के लिए योग प्रशिक्षक के रूप में उनका चयन कर लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मात्र 21 वर्ष की आयु में उत्तम अग्रहरी आज अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों के लोगों को ऑनलाइन योग प्रशिक्षण दे रहे हैं और इसके मध्यम से लाखों की कमाई कर रहे हैं।
उत्तम अग्रहरि ने अमर उजाला को बताया कि योग में रूचि इस तरह उन्हें बड़ी सफलता देगी, इसका उन्हें अनुमान नहीं था। योग ही अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बनता जा रहा है। वे अब तक योग में कई रिकॉर्ड बना चुके हैं।
इसमें सबसे ज्यादा लोगों के साथ एक बार में 108 बार सूर्य नमस्कार करने का लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भी शामिल है। इसके अलावा लगातार दो घंटे तक ताड़ासन करने का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (प्रमाण पत्र अगस्त तक मिलने की संभावना) भी शामिल है।
अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर
कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके उत्तम अग्रहरि की दृष्टि अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। वे हाथों के बल पर लगभग उसी तेजी के साथ चल सकते हैं, जिस तेजी के साथ कोई सामान्य व्यक्ति अपने पैरों से सामान्य चाल में चलता है। वे अपने हाथों के बल पर एक मिनट में सौ मीटर तक चलने का विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
वे यह कारनामा कई बार कर चुके हैं, लेकिन गिनीज बुक के अधिकारियों की उपस्थिति न होने के कारण उनका यह कारनामा रिकॉर्ड बनने से चूक गया।
अगर कोरोना काल के कारण कोई बाधा न बनी, तो अगस्त महीने में वे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के अधिकारियों की उपस्थिति में यह कारनामा कर बड़ी सफलता हासिल करेंगे।
इस समय यह रिकॉर्ड चीन के एक युवक के नाम दर्ज है।
बड़ी कंपनियों को देते हैं ट्रेनिंग
योग के बल पर उत्तम अग्रहरि ने इस छोटी उम्र में ही बड़ी उपलब्ध हासिल की है। अब वे दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, चंडीगढ़, चेन्नई और कोलकाता की कई कंपनियों में समय-समय पर जाकर अनेक कंपनियों के कर्मचारियों को तनाव से मुक्त रहने के लिए उन्हें योग का प्रशिक्षण देते हैं।
कोरोना काल में भी वे कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टर-नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को योग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके आलावा सामान्य गृहणियों, रिटायर्ड लोगों और अन्य वर्ग के लोगों के अलग-अलग ग्रुप को वे योग सिखाकर उनकी जिंदगी से तनाव दूर भगा रहे हैं।
ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय क्लास भी चला रहे
कोरोना काल में किसी देश की यात्रा करना मुश्किल हो गया है। लेकिन ऑनलाइन माध्यम ने एक नया मंच उपलब्ध कराया है। उत्तम अग्रहरि भी इस समय ऑनलाइन माध्यम से अमेरिका और मलेशिया के लोगों को योग करना सिखा रहे हैं।
उनके अनेक छात्रों ने उनसे योग सीखकर इन देशों में अन्य लोगों को योग सिखाना शुरू कर दिया है।
सामाजिक जिम्मेदारी भी
उत्तम ने बताया कि उनके पिता से उनका बहुत पहले ही साथ छूट चुका है। पिता के गुजरने के बाद बेहद आर्थिक तंगी में उन्होंने अपनी पढ़ाई की और आज इस सफलता तक पहुंचे।
यही कारण है कि अब भी वे अपने जैसे बच्चों का दर्द नहीं भूलते। अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां निभाते हुए वे झुग्गी-झोपड़ी के गरीब बच्चों को निशुल्क योग शिक्षा देते हैं।
युवाओं को सलाह
करियर के रूप में योग अपनाना कितना सही है और इसके लिए क्या योग्यताएं अपेक्षित हैं? अमर उजाला के इस सवाल पर उत्तम अग्रहरि ने बताया कि आज देश में दिल्ली, हरिद्वार, मुंबई, पुणे और पटना में कई शीर्ष संस्थान योग में उच्च कोटि की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
प्रमाणिक संस्थाओं से योग सीखने के बाद इस क्षेत्र में नौकरी पाना काफी आसान रहता है। 25-30 हजार रुपये की शुरुआती नौकरी से लेकर अपनी क्षमता के आधार पर इस क्षेत्र में लाखों रुपये महीने तक की कमाई की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए शरीर विज्ञान की अच्छी जानकारी होना बेहद आवश्यक है क्योंकि अमेरिकी-यूरोपीय समाज हर चीज को विज्ञान की कसौटी पर परखने का आदी है।
वैज्ञानिक आधारों और तर्कों के साथ योग को समझाने से लोगों में विश्वसनीयता बनती है। अच्छी कलात्मक भाषण शैली और अंग्रेजी भाषा में बोलने की निपुणता जल्दी ही आपकी सफलता के द्वार खोल देती है।.....
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