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महाराष्ट्र में भाजपा का अंतरिम सर्वे, 2014 जैसा प्रदर्शन दोहराना होगा मुश्किल

Fri, 21 Dec 2018 09:39 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव द्विवेदी Updated Fri, 21 Dec 2018 09:39 PM IST
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Internal Survey of BJP in Maharashtra, It will be tough to repeat performance like 2014 election
अमित शाह (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी द्वारा कराए गए एक अंतरिम सर्वे के मुताबिक पार्टी ने 2014 में राज्य में जैसा प्रदर्शन किया था अगले लोकसभा चुनाव में वैसा होना मुश्किल है। बता देंकि 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा व शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था और 48 में से 41 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, उपचुनाव के बाद भाजपा के पास 22 सीटें हैं और शिवसेना के पास 18, कांग्रेस के पास जहां दो सीटें हैं और एनसीपी के पास पांच सीटें हैं। वहीं, एक सीट स्वाभिमानी पक्ष के पास है। 

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भाजपा के एक पूर्व मंत्री ने बताया कि यदि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा व शिवसेना साथ में चुनाव लड़ते हैं हम 30-34 सीटें जीतने की संभावना है। वहीं, अगर दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा के काते में 15 से 18 सीटें आने की संभावना है तो शिवसेना 5 से 8 सीटें जीत सकती है। ऐसे हालात में कांग्रेस व एनसीपी का गठबंधन 22 से 28 सीटें जीस सकता है। बता दें कि दोनों पार्टियों के बीच तालमेल को बढ़ावा देने के लिए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शिवसेना के साथ गठबंधन पर जोर दे रहे थे। 

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मोदी लहर जैसा कुछ भी नहीं : अशोक चव्हाण

पूर्व मंत्री के मुताबिक, 'शाह ने महसूस किया कि शिवसेना को साथ रखने के सभी प्रयास किए जाएं ताकि पार्टी 2014 के प्रदर्शन को दोहरा सके।' पूर्व मंत्री ने कहा कि शिवसेना की गठबंधन बनाने को लेकर एक शर्त यह रखी जा सकती है कि राज्य का मुख्यमंत्री उनकी पसंद का बनाया जाए। उन्होंने कहा, 'मुझे पता चला है कि शिवसेना ने भाजपा नेतृत्व से महाराष्ट्र में कर्नाटक फार्मूला लागू करने को कहा है। कर्नाटक में कांग्रेस के पास ज्यादा सीटें हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने जनता दल का नेतृत्व स्वीकार किया।'

वहीं, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, 'भाजपा व शिवसेना का गठबंधन हो या न हो, हमें भरोसा है कि कांग्रेस व एनसीपी मिलकर 28 सीटें जीतेंगे। भाजपा व शिवसेना मिलकर 10 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएंगे।' वहीं राज्य कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि मोदी लहर समाप्त हो चुकी है। मोदी लहर जैसी कोई चीज अब नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि कांग्रेस व एनसीपी मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। वहीं, शिवसेना सांसद संजय रावत ने गठबंधन को लेकर कुछ कहने से इंकार कर दिया। 

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