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INSV Tarini: जमीन से सबसे दूर इलाके 'पाइंट नीमो' पहुंचीं नौसेना की दो जांबाज अधिकारी, बेहद खास है ये उपलब्धि
Thu, 30 Jan 2025 11:50 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:50 AM IST
सार
अपने इस अभियान के तहत आईएनएसवी तारिणी दुनिया के सबसे दूरस्थ जलक्षेत्र पॉइंट नीमो को पार किया। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में लिखा कि यह जुझारूपन, साहस और रोमांच का उदाहरण है।
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आईएनएसवी तारिणी
- फोटो : एक्स/भारतीय नौसेना
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विस्तार
भारतीय नौसेना की दो जांबाज महिला अधिकारियों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दरअसल ये दोनों अधिकारी आईएनएसवी तारिणी पर दुनिया की जलयात्रा पर निकलीं हैं। अपने इस अभियान के तहत आईएनएसवी तारिणी दुनिया के सबसे दूरस्थ जलक्षेत्र पॉइंट नीमो को पार किया। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में लिखा कि यह जुझारूपन, साहस और रोमांच का उदाहरण है।
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आईएनएसवी तारिणी
- फोटो : एक्स/भारतीय नौसेना
भारतीय नौसेना की दो अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए समुद्र से पूरी दुनिया नापने के मिशन पर निकलीं हैं। नाविका सागर परिक्रमा दो के तहत दोनों महिला अधिकारी पॉइंट नीमो पहुंचीं। यह क्षेत्र दुनिया से पूरी तरह से कटा हुआ है और यह धरती से सबसे दूर समुद्री इलाका है।
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पॉइंट नीमो कहां है?
insv tarini
- फोटो : एक्स/भारतीय नौसेना
पॉइंट नीमो दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित जलक्षेत्र है। जिसकी अंटार्कटिका से दूरी 1,674 मील है। वहीं डूसी आइलैंड से इसकी दूरी 1,666 मील, ईस्टर आईलैंड से 1,666 मील और चिली से दूरी 2,624 मील और न्यूजीलैंड के वेलिंगटन से दूरी करीब 2,980 मील दूर स्थित है।
बीते साल अक्तूबर में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने आईएनएसवी तारिणी को नाविका सागर परिक्रमा के दूसरे संस्करण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अभियान के तहत नौसेना की दोनों महिला अधिकारी 240 दिनों में 23,400 समुद्री मील की यात्रा कर रही हैं। इस अभियान के तहत नौका आईएनएसवी तारिणी चार महाद्वीपों, तीन महासागरों और तीन मुश्किल केपों को पार करेगी। यह अभियान भारत की समुद्री क्षमताओं को दिखाने का अहम मिशन है। गोवा से शुरू हुई यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमेंटल पहुंची, फिर न्यूजीलैंड के लिटलेटन और लिटलेटन से फॉकलैंड द्वीप के पोर्ट स्टेनली पहुंचेगी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन होते हुए यह यात्रा वापस गोवा में खत्म होगी।
बीते साल अक्तूबर में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने आईएनएसवी तारिणी को नाविका सागर परिक्रमा के दूसरे संस्करण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अभियान के तहत नौसेना की दोनों महिला अधिकारी 240 दिनों में 23,400 समुद्री मील की यात्रा कर रही हैं। इस अभियान के तहत नौका आईएनएसवी तारिणी चार महाद्वीपों, तीन महासागरों और तीन मुश्किल केपों को पार करेगी। यह अभियान भारत की समुद्री क्षमताओं को दिखाने का अहम मिशन है। गोवा से शुरू हुई यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमेंटल पहुंची, फिर न्यूजीलैंड के लिटलेटन और लिटलेटन से फॉकलैंड द्वीप के पोर्ट स्टेनली पहुंचेगी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन होते हुए यह यात्रा वापस गोवा में खत्म होगी।