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राज्यसभा में पारित हुआ बीमा संशोधन विधेयक, कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे तक स्थगित

Thu, 18 Mar 2021 07:31 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 18 Mar 2021 07:31 PM IST
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Insurance Bill: Opposition uproar over raising FDI limit to 74 per cent, proceedings in Rajya Sabha stalled
एफडीआई - फोटो : pixabay

विपक्षी सदस्यों की ओर से भारी विरोध के बीच बीमा (संशोधन) विधेयक-2021 गुरुवार को राज्यसभा से पारित हो गया। देश के बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को बढ़ाकर 74 फीसदी करने के लिए पेश किए गए बीमा (संशोधन) विधेयक-2021 का विपक्ष ने भारी विरोध किया था। कांग्रेस नीत विपक्षी सदस्यों की ओर से किए गए हंगामे के कारण कारण सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई। 

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नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया है और अब इस विधेयक के जरिए यह सीमा 74 प्रतिशत की जा रही है। उन्होंने विधेयक को संबंधित स्थायी समिति में भेजे जाने की मांग की। द्रमुक के टी शिवा ने भी इसे स्थायी समिति में भेजे जाने की मांग की।
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वहीं, वित्त मंत्री ने राज्यसभा में बीमा (संशोधन) विधेयक पेश करते हुए कहा, एफडीआई सीमा अनिवार्यता नहीं है, यह केवल ऊपरी सीमा तय करती है। सीमा को बढ़ाने का मतलब सभी कंपनियों के लिए उसी स्तर पर स्वत: विदेशी निवेश नहीं है। हर कंपनी अपने बारे में खुद निर्णय लेगी कि क्या वह पैसा चाहते हैं और किस स्तर तक। 
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सीतरमण ने कहा, इसलिए यह संशोधन केवल इस बात की अनुमति देने के लिए है कि कंपनियां कुछ पैसा पा सकें लेकिन यह 74 फीसगी से अधिक न हो। वित्त मंत्री साीतारमण ने कहा कि पॉलिसीधारकों का पैसा जो इकट्ठा होने वाला है, उसे केवल भारत में निवेश करना होगा, यह हमारी सीमाओं को पार नहीं कर सकता है।

15 मार्च को पेश किया गया था विधेयक
कांग्रेस सदस्य शक्तिसिंह गोहिल ने विधेयक पर चर्चा कराने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके लिए सदस्यों को पर्याप्त समय नहीं मिला, लेकिन उपसभापति हरिवंश ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया और कहा कि यह विधेयक सदन में 15 मार्च को ही पेश किया गया था और सदस्यों को उचित समय मिला है। भाजपा सदस्य भूपेंद्र यादव ने विपक्ष की मांग का विरोध करते हुए कहा कि इस पर पहले ही स्थायी समिति सहित विभिन्न समितियों में विचार किया जा चुका है।


वित्त मंत्री ने चर्चा के लिए पेश किया
हंगामे के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा (संशोधन) विधेयक चर्चा के लिए रखा। इस दौरान कुछ सदस्य विधेयक का विरोध करते हुए आसन के समीप आ गए। सदन में हंगामे को देखते हुए उपसभापति हरिवंश ने बैठक कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद दोबारा बैठक शुरू होते ही कार्रवाई पहले तीन बजे तक और उसके बाद तीन बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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