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Telangana: 'तेलंगाना का अपमान किया गया..', राष्ट्रपति से मुलाकात न होने पर सीएम रेड्डी का केंद्र पर हमला

Thu, 07 Aug 2025 09:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 07 Aug 2025 09:29 PM IST
सार

Telangana: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति से उनकी मुलाकात रोकने के लिए दखल दिया। राज्य सरकार ने ओबीसी को 42% आरक्षण देने वाले दो विधेयकों को मंजूरी दिलाने के लिए राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। रेड्डी ने इसे तेलंगाना का अपमान बताया। 

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'Insult to Telangana': CM Reddy accuses Centre of 'preventing' meeting with president on reservation
रेवंत रेड्डी - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को रोकने के लिए दखल दिया। यह मुलाकात राज्य में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शिक्षा, नौकरियों और स्थानीय निकाय चुनावों में 42 फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयकों को मंजूरी दिलाने के मकसद से होनी थी।
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मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि पूरी तेलंगाना कैबिनेट और पार्टी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए दिल्ली में तीन दिन तक इंतजार किया, लेकिन उन्हें समय नहीं मिला। उन्होंने इस स्थिति को 'दुखद, पीड़ादायक और तेलंगाना के लोगों का अपमान' बताया।
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मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हमने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा था ताकि दो विधेयकों और एक अध्यादेश को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया जा सके, जिससे पिछड़े वर्गों को 42 फीसदी आरक्षण लागू किया जा सके। लेकिन जैसे ही हमने राष्ट्रपति से मिलने का निवेदन किया, मोदी और शाह उनसे मिल लिए। हमें नहीं पता उन्होंने क्या चर्चा की, लेकिन हमारी पार्टी और कैबिनेट के मंत्री मानते हैं कि उन्होंने हस्तक्षेप किया, जिससे हमें भेंट करने का समय न मिले।
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तेलंगाना सरकार ने दो विधेयक राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजे हैं। पहला तेलंगाना पिछड़ा वर्ग (ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में सीटों का आरक्षण) विधेयक, 2025 है और दूसरा तेलंगाना पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (शिक्षण संस्थानों में सीटों और राज्य सेवाओं में नियुक्तियों/पदों का आरक्षण) विधेयक, 2025 है। ये दोनों विधेयक राज्य विधानसभा में पारित किए गए थे, जिनका मकसद शिक्षा, रोजगार और स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 42 फीसदी करना है।

इसके साथ ही, राज्य कैबिनेट ने तेलंगाना पंचायत राज अधिनियम, 2018 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश के मसौदे को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद पिछड़े वर्गों को स्थानीय निकायों में 42 फीसदी आरक्षण देना है, भले ही इससे पहले अदालतों ने 50 फीसदी आरक्षण की सीमा तय कर रखी हो। राज्य कैबिनेट के लिए यह कदम इसलिए जरूरी है, क्योंकि 30 सितंबर तक राज्य में स्थानीय चुनाव कराए जाने हैं।

मुख्यमंत्री रेड्डी ने बताया कि ये विधेयक राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेजे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार पिछले चार महीनों से राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जबकि तेलंगाना हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर तक स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। रेड्डी ने कहा, अगर राष्ट्रपति इन विधेयकों को मंजूरी दे देती हैं, तो हम तुरंत चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। हमने पिछड़े वर्गों को 42 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था और हम उस पर अडिग हैं। 

रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि वह कमजोर वर्गों के अधिकार छीनने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी हमेशा से आरक्षण के विरोध में रही है। उन्होंने कहा, भाजपा ने मंडल आयोग का विरोध किया था और कमंडल आयोग लाया। जब कांग्रेस ने आईआईटी और आईआईएम में आरक्षण देना चाहा, तो भाजपा ने उसका भी विरोध किया। आज जब हम ओबीसी के लिए आरक्षण बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसे मुसलमानों के नाम पर रोका जा रहा है। 


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मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जब गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मुसलमानों को आरक्षण दिया जा रहा है, तो फिर तेलंगाना में इसका विरोध क्यों किया जा रहा है? तेलंगाना सरकार ने संसद के जरिए प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश भी की, लेकिन स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। इसके बाद राज्य के सांसदों ने छह अगस्त को दिल्ली में धरना दिया और आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

रेड्डी ने विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर भी निशाना साधते हुए कहा, बीआरएस, भाजपा की बी टीम की तरह काम कर रही है और हमारे खिलाफ बयानबाजी कर रही है। लेकिन हम जीतेंगे। वे हमें 1-2 दिन रोक सकते हैं, लेकिन जो कांग्रेस को रोकने की कोशिश करेंगे, उनका अंजाम हम दिखा देंगे। 



 
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