{"_id":"571eaec24f1c1ba202a91821","slug":"insects-and-sand-creating-havoc-for-taj","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताज के दुश्मन बने गंदगी से आए कीड़े और रेत, जांच में जुटे वैज्ञानिक ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ताज के दुश्मन बने गंदगी से आए कीड़े और रेत, जांच में जुटे वैज्ञानिक
ब्यूरो/ अमर उजाला, अागरा
Updated Tue, 26 Apr 2016 05:36 AM IST
सार
- ताज की दीवारें हरी करने वाले कीड़े का ब्योरा जुटा रही एएसआई की टीमें
- एएसआई एक्सपर्ट की राय- नाले में तब्दील हुई यमुना से बढ़ी मुश्किलें
विज्ञापन
ताजमहल
- फोटो : amar ujala bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजमहल की संगमरमरी दीवारें हरे रंग की करने वाले कीड़ों की जांच के लिए एएसआई की कई टीमें ब्योरा जुटा रही हैं। सोमवार को एएसआई केमिकल ब्रांच की टीमों ने ताजमहल के पास कीड़ों के आने-जाने की दिशा और उनके स्राव का फिर से सैंपल जुटाया। आईआईटी कानपुर को सैंपल भेजने से पहले ताजमहल के आसपास के पर्यावरण का पूरा ब्योरा भेजा जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, एएसआई एक्सपर्ट के मुताबिक गंदगी से आ रहे कीड़े और सूखी यमुना से उड़ रही रेत ताजमहल को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। ताजमहल पर इन दिनों आए कीड़ों ने एएसआई के साथ कीट विज्ञानियों को भी चौंका दिया है। बारिश के बाद अक्तूबर में तो कीड़े हर साल आते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब सामान्य से 5 से 7 डिग्री ऊपर तापमान और शुष्क मौसम में ताज पर कीड़ों का हमला हुआ हो। इसके लिए ताजमहल के पीछे गंदे नाले के रूप में बह रही यमुना नदी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
विज्ञापन
एएसआई विशेषज्ञों के मुताबिक इन दिनों भीषण गर्मी के कारण यमुना में पानी नहीं है। गंदे नाले के साथ सिल्ट जमा है, जिस पर घातक कीड़े आ रहे हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाले हानिकारक रसायन कीड़ों के साथ ताजमहल तक पहुंचते हैं। इस तरह कीड़ों के पैरों के साथ इनका स्राव ताज को दोहरा नुकसान पहुंचा रहा है। ताज पर कीड़ों के हमले की एक प्रमुख वजह ये भी हो सकती है। हालांकि एएसआई केमिकल ब्रांच ने सोमवार को टीमों को जरिए कीड़ों के आने-जाने की दिशा, पर्यावरण का ब्योरा तैयार किया।
विज्ञापन
ताजमहल पर 30 साल तक रिसर्च और संरक्षण का हिस्सा रहे रिटायर्ड अधिकारी डा. आरके दीक्षित के मुताबिक ताजमहल के संगमरमर से रेत जब टकराती है तो मार्बल के क्षरण के साथ इसकी चमक भी खत्म हो रही है। यमुना की गंदगी के चलते कीड़े ताज पर बैठते हैं तो उनके जरिए कई केमिकल ताज पर पहुंच रहे हैं। इसका एक मात्र उपाय ये है कि ताज के पीछे पर्याप्त स्वच्छ पानी हो और यह हमेशा बहता रहे।