{"_id":"5d2369cd8ebc3e6ccf65302b","slug":"ins-urges-govt-to-revert-its-decision-over-import-duty-on-news-print","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएनएस ने अखबारी कागज पर से आयात शुल्क हटाने की मांग की","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आईएनएस ने अखबारी कागज पर से आयात शुल्क हटाने की मांग की
Mon, 08 Jul 2019 09:35 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 08 Jul 2019 09:35 PM IST
विज्ञापन
भारतीय प्रिंट मीडिया
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘द इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी’ (आईएनएस) ने केंद्र सरकार से भारतीय समाचार पत्र उद्योग को बचाने की गुहार लगाते हुए सोमवार को अखबार और पत्रिका के कागज़ पर लगे 10 फीसदी आयात शुल्क को वापस लेने की गुज़ारिश की।
आईएनएस ने एक बयान जारी कर कहा कि अखबारों और पत्रिकाओं के प्रकाशक, विज्ञापन से कम आय, उच्च लागत और डिजिटल माध्यमों की वजह से पहले ही ‘गंभीर’ आर्थिक दबावों से गुज़र रहे हैं। ऐसे में अखबारी कागज़ पर शुल्क लगाने से छोटे और मध्यम स्तर के अखबरों को ‘भारी नुकसान’ होगा और उनमें से कई ‘बंद हो जाएंगे।
आईएनएस ने भारतीय समाचार पत्र उद्योग को बचाने के लिए सरकार से दखल देने और शुल्क को रद्द करने की मांग की।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच तारीख को पेश बजट में अखबारी कागज़ पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है।
विज्ञापन
आईएनएस ने एक बयान जारी कर कहा कि अखबारों और पत्रिकाओं के प्रकाशक, विज्ञापन से कम आय, उच्च लागत और डिजिटल माध्यमों की वजह से पहले ही ‘गंभीर’ आर्थिक दबावों से गुज़र रहे हैं। ऐसे में अखबारी कागज़ पर शुल्क लगाने से छोटे और मध्यम स्तर के अखबरों को ‘भारी नुकसान’ होगा और उनमें से कई ‘बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
आईएनएस ने भारतीय समाचार पत्र उद्योग को बचाने के लिए सरकार से दखल देने और शुल्क को रद्द करने की मांग की।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच तारीख को पेश बजट में अखबारी कागज़ पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है।