मालदीव में फंसे भारतीयों को लाने के लिए माले पोर्ट में दाखिल हुआ आईएनएस जलाश्व
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कोरोना वायरस संकट के बीच विदेशों में फंसे भारतीयों की देश वापसी के लिए भारत सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। संकट के समय मालदीव में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए नौसेना ने समुद्र सेतु ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके तहत नौसेना का जहाज आईएनएस जलाश्व गुरुवार को माले बंदरगाह के अंदर दाखिल हो गया। मालदीव उच्चायोग ने इस बात की जानकारी दी है।
इससे पहले नौसेना के अधिकारियों ने कहा था कि मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए नौसेना के तीन युद्धपोत को रवाना किया गया है। इन युद्धपोतों में आईएनएस जलश्व, आईएनएस मगर और आईएनएस शार्दुल शामिल हैं। अधिकारी ने कहा जानकारी दी थी कि आईएनएस जलाश्व विशाखापट्टनम से कुछ दिन पहले पूर्वी तट से पश्चिमी तट तक गया था।
#WATCH INS Jalashwa entering Male port for the first phase under Operation Samudra Setu to repatriate Indians from Maldives: High Commission of India in Maldives. #COVID19 pic.twitter.com/qoNPB9pioZ
— ANI (@ANI) May 7, 2020
भारतीय नागरिकों को खाड़ी और अन्य देशों से निकालने के लिए कुल 14 युद्धपोतों को तैयार किया गया है। कोरोना महामारी के बीच ज्यादातर देश अपने नागरिकों को वापस लाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इसी बीच मालदीव में मौजूद भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने कहा, 'मालदीव में हम अगले कुछ दिनों में निकासी अभियान देखेंगे। यह इतिहास का सबसे बड़ा निकासी अभियान होगा। मैं मालदीव से लगभग दो हजार भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु को लॉन्च करने के लिए भारतीय नौसेना का आभारी हूं।'
राजदूत ने आगे कहा, 'निकासी अभियान का संचालन दो चरणों में किया जाएगा। पहला केरल के कोच्चि और दूसरा तमिलनाडु के थूथुकुडी में। यहां मौजूद भारतीयों के लिए यह राहत की बात होगी।'