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Indian Navy: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी आईएनएस इंफाल, 10 पाइंट में समझिए क्यों है ये खास
Tue, 26 Dec 2023 02:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 26 Dec 2023 02:25 PM IST
सार
यह युद्धक जहाज नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी (विशाखापत्तनम श्रेणी) का हिस्सा है। जो कि प्रोजेक्ट 15ए (कोलकाता श्रेणी) और प्रोजेक्ट 15 (दिल्ली श्रेणी) का आधुनिक स्वरूप है।
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आईएनएस इंफाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत का स्वदेशी युद्धक जहाज आईएनएस इंफाल आज नौसेना में शामिल हो गया। आईएनएस इंफाल के नौसेना में कमीशन होने का कार्यक्रम मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में आयोजित हुआ। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। आईएनएस इंफाल विशाखापत्तनम श्रेणी का डेस्ट्रॉयर है, जिसे भारतीय नौसेना ने ही डिजाइन किया और भारत में ही इसका निर्माण किया गया है।
आईएनएस इंफाल से जुड़े 10 फैक्ट्स
1. आईएनएस इंफाल पहला युद्धक जहाज है, जिसका नाम उत्तरपूर्व के किसी शहर के नाम पर रखा गया है। आईएनएस इंफाल इस बात की अहमियत दर्शाता है कि देश की सुरक्षा और समृद्धि में देश के उत्तरपूर्व क्षेत्र भी अहम है। युद्धक जहाज का नाम मणिपुर की राजधानी इंफाल के नाम पर रखने के फैसले को साल 2019 में राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी।
2. आईएनएस इंफाल का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड में किया गया है और इसके निर्माण में 75 प्रतिशत तकनीक स्वदेशी है। आईएनएस इंफाल पर जमीन से जमीन पर मार करने वाली, जमीन से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हैं। साथ ही इस पर पनडुब्बियों को निशाना बनाने वाले रॉकेट लॉन्चर और 76एमएम की सुपर रैपिड गन भी लगाई गई है। आईएनएस इंफाल बराक 8 मिसाइलें, सर्विलांस रडार और टॉरपीडो से भी लैस है।
3. आईएनएन इंफाल परमाणु हमले, जैविक हमले और रसायनिक हमले की स्थिति में भी लड़ने के लिए सक्षम है।
4. इसमें कंपाइंड गैस और गैस प्रोपल्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से यह युद्धक जहाज 30 नॉट्स की स्पीड से चलने में सक्षम है।
5. नौसेना का कहना है कि भारत में अब तक बने युद्धक जहाजों में आईएनएस इंफाल सबसे बेहतर है और यह युद्धक जहाज बनाने की भारत की क्षमताओं का परिचायक है।
6. आईएनएस इंफाल को 20 अक्तूबर को भारतीय नौसेना को डिलीवर किया गया था। इससे पहले इसके ट्रायल हुए थे। नौसेना ने भी इसका सफल परीक्षण किया, जिसके बाद अब यह नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है।
7. नौसेना में कमीशन होने के बाद आईएनएस इंफाल नौसेना की वेस्टर्न नेवल कमांड का हिस्सा बनेगा।
8. यह युद्धक जहाज नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी (विशाखापत्तनम श्रेणी) का हिस्सा है। जो कि प्रोजेक्ट 15ए (कोलकाता श्रेणी) और प्रोजेक्ट 15 (दिल्ली श्रेणी) का आधुनिक स्वरूप है।
9. आईएनएस इंफाल की कुल लंबाई 535 फीट, ऊंचाई 57 फीट और कुल वजन 7400 टन है। इस पर 300 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं और यह एक बार में 42 दिनों तक समुद्र में रह सकता है। इस पर ध्रुव और सी किंग हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जा सकते हैं।
10. हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के जवाब में भारतीय नौसेना भी लगातार अपनी क्षमताओं में इजाफा कर रही है। आईएनएस इंफाल के नौसेना में शामिल होने से भारत की युद्धक क्षमताएं बेहतर होंगी।
नौसेना प्रमुख ने कही ये बात
आईएनएन इंफाल के नौसेना में कमीशन होने के बाद अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा 'आईएनएस इंफाल ना सिर्फ समुद्र में हमारी सुरक्षा को मजबूत करेगा, साथ ही यह हमारी अखंड भारत की ताकत का भी सबूत है। साथ ही हमने अब चार डेस्ट्रॉयर भी समुद्र में तैनात कर दिए हैं, जिनमें 15 अल्फा और ब्रावो क्लास के डेस्ट्रॉयर शामिल हैं। व्यापारिक जहाजों को समुद्री लुटेरों और ड्रोन हमले की बढ़ती घटनाओं से बचाने के लिए यह डेस्ट्रॉयर अहम साबित होंगे।'
आईएनएस इंफाल रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि स्वदेश निर्मित स्टील्थ-गाइडेड आईएनएस इंफाल का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना में मिसाइल विध्वंसक, रक्षा में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। पीएम मोदी ने नौसेना प्रवक्ता की ओर से पोस्ट किए गए आईएनएस इंफाल के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, भारत के लिए गर्व का क्षण क्योंकि आईएनएस इंफाल को हमारी नौसेना में शामिल किया गया है, जो रक्षा में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक प्रमाण है। यह हमारी नौसेना उत्कृष्टता और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है। आत्मनिर्भरता के लिए इस मील के पत्थर में शामिल सभी लोगों को बधाई। हम अपने समुद्र की सुरक्षा जारी रखेंगे और हमारे राष्ट्र को मजबूत बनाते रहेंगे।
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#WATCH | Mumbai: Indian Navy's commission of stealth guided missile destroyer 'Imphal' at Naval Dockyard.
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Defence Minister Rajnath Singh and Maharashtra CM Ekanth Shinde present on the occasion. https://t.co/vrNL26Gctg pic.twitter.com/fLU8AEaEoLविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 26, 2023
आईएनएस इंफाल से जुड़े 10 फैक्ट्स
1. आईएनएस इंफाल पहला युद्धक जहाज है, जिसका नाम उत्तरपूर्व के किसी शहर के नाम पर रखा गया है। आईएनएस इंफाल इस बात की अहमियत दर्शाता है कि देश की सुरक्षा और समृद्धि में देश के उत्तरपूर्व क्षेत्र भी अहम है। युद्धक जहाज का नाम मणिपुर की राजधानी इंफाल के नाम पर रखने के फैसले को साल 2019 में राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी।
2. आईएनएस इंफाल का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड में किया गया है और इसके निर्माण में 75 प्रतिशत तकनीक स्वदेशी है। आईएनएस इंफाल पर जमीन से जमीन पर मार करने वाली, जमीन से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हैं। साथ ही इस पर पनडुब्बियों को निशाना बनाने वाले रॉकेट लॉन्चर और 76एमएम की सुपर रैपिड गन भी लगाई गई है। आईएनएस इंफाल बराक 8 मिसाइलें, सर्विलांस रडार और टॉरपीडो से भी लैस है।
3. आईएनएन इंफाल परमाणु हमले, जैविक हमले और रसायनिक हमले की स्थिति में भी लड़ने के लिए सक्षम है।
4. इसमें कंपाइंड गैस और गैस प्रोपल्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से यह युद्धक जहाज 30 नॉट्स की स्पीड से चलने में सक्षम है।
5. नौसेना का कहना है कि भारत में अब तक बने युद्धक जहाजों में आईएनएस इंफाल सबसे बेहतर है और यह युद्धक जहाज बनाने की भारत की क्षमताओं का परिचायक है।
6. आईएनएस इंफाल को 20 अक्तूबर को भारतीय नौसेना को डिलीवर किया गया था। इससे पहले इसके ट्रायल हुए थे। नौसेना ने भी इसका सफल परीक्षण किया, जिसके बाद अब यह नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है।
7. नौसेना में कमीशन होने के बाद आईएनएस इंफाल नौसेना की वेस्टर्न नेवल कमांड का हिस्सा बनेगा।
8. यह युद्धक जहाज नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी (विशाखापत्तनम श्रेणी) का हिस्सा है। जो कि प्रोजेक्ट 15ए (कोलकाता श्रेणी) और प्रोजेक्ट 15 (दिल्ली श्रेणी) का आधुनिक स्वरूप है।
9. आईएनएस इंफाल की कुल लंबाई 535 फीट, ऊंचाई 57 फीट और कुल वजन 7400 टन है। इस पर 300 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं और यह एक बार में 42 दिनों तक समुद्र में रह सकता है। इस पर ध्रुव और सी किंग हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जा सकते हैं।
10. हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के जवाब में भारतीय नौसेना भी लगातार अपनी क्षमताओं में इजाफा कर रही है। आईएनएस इंफाल के नौसेना में शामिल होने से भारत की युद्धक क्षमताएं बेहतर होंगी।
नौसेना प्रमुख ने कही ये बात
आईएनएन इंफाल के नौसेना में कमीशन होने के बाद अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा 'आईएनएस इंफाल ना सिर्फ समुद्र में हमारी सुरक्षा को मजबूत करेगा, साथ ही यह हमारी अखंड भारत की ताकत का भी सबूत है। साथ ही हमने अब चार डेस्ट्रॉयर भी समुद्र में तैनात कर दिए हैं, जिनमें 15 अल्फा और ब्रावो क्लास के डेस्ट्रॉयर शामिल हैं। व्यापारिक जहाजों को समुद्री लुटेरों और ड्रोन हमले की बढ़ती घटनाओं से बचाने के लिए यह डेस्ट्रॉयर अहम साबित होंगे।'
आईएनएस इंफाल रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि स्वदेश निर्मित स्टील्थ-गाइडेड आईएनएस इंफाल का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना में मिसाइल विध्वंसक, रक्षा में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। पीएम मोदी ने नौसेना प्रवक्ता की ओर से पोस्ट किए गए आईएनएस इंफाल के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, भारत के लिए गर्व का क्षण क्योंकि आईएनएस इंफाल को हमारी नौसेना में शामिल किया गया है, जो रक्षा में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक प्रमाण है। यह हमारी नौसेना उत्कृष्टता और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है। आत्मनिर्भरता के लिए इस मील के पत्थर में शामिल सभी लोगों को बधाई। हम अपने समुद्र की सुरक्षा जारी रखेंगे और हमारे राष्ट्र को मजबूत बनाते रहेंगे।