युद्धपोत आईएनएस बेतवा का एक सिर तट से टकराया, 2 नौसैनिकों की मौत
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भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस बेतवा सोमवार को मुंबई के डकयार्ड में हादसे का शिकार हो गया। नौसेना के डकयार्ड से समुद्र में उतारने के दौरान युद्धपोत तट से टकरा गया। हादसे के बाद युद्धपोत पर सवार 14 नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि चालक दल के दो सदस्यों की जान चली गई।
नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि आईएनएस बेतवा तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे में घायल नौसैनिकों का दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित आईएनएचएस अश्विनी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसा दोपहर एक बजकर 50 मिनट पर हुआ। हादसे के बाद बेतवा को कितना नुकसान हुआ इसका जायजा लिया जा रहा है। साथ ही मरम्मत का भी काम जारी है। नौसेना ने बयान जारी कर कहा है कि डक ब्लॉक मैकेनिज्म के काम न करने के चलते यह हादसा हुआ है।
आईएनएस बेतवा स्वदेशी डिजाइऩ और ब्रह्मपुत्र रेंज का मिसाइल युद्धपोत है। 3800 टन भार वाला यह युद्धपोत गाइडेड मिसाइल, एंटी मिसाइल सिस्टम, जमीन से हवा में मार करने वाली बराक 1 मिसाइल से भी लैस है।
2014 में भी बेतवा हो चुका है हादसे का शिकार
126 मीटर लंबे इस जहाज की रफ्तार 30 समुद्री मील है। यह लंबी दूरी तक जमीन से जमीन पर मिसाइल गिराने और मिसाइल रोधी रक्षा प्रणालियों से भी लैस है। यह नौसेना के पश्चिमी नवल कमांड के अहम वॉरशिप में से एक है।
युद्धपोत आईएनएस बेतवा को साल 2004 में नौसेना में शामिल किया गया था। इस युद्धपोत का नाम बेतवा नदी पर रखा गया है।
आईएनएस बेतवा साल 2014 में भी हादसे का शिकार हो चुका है। यह हादसा तब हुआ था जब आईएनएस बेतवा नेवी के बेड़े में शामिल होने जा रहा था। तब इस युद्धपोत का सोनार सिस्टम क्रैक हो गया था।