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स्वदेशी कोवाक्सिन को मंजूरी का इंतजार: 14 देशों में भारत बायोटेक के टीके को मान्यता, फिर भी क्यों नहीं हो रहा डब्ल्यूएचओ को भरोसा?

Wed, 27 Oct 2021 12:38 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 27 Oct 2021 12:38 PM IST
सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन अब कोवॉक्सिन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल करने के लिए तीन नवंबर को अगली बैठक करेगा। कंपनी से डब्ल्यूएचओ की तकनीकि समित ने और स्पष्टीकरण मांगे हैं। 
 

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Indigenous covaxin awaits WHO approval Why scientists are not trusting Bharat Biotech's vaccine
कोवॉक्सिन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक कोरोना के खिलाफ आपातकालीन उपयोग सूची में फाइजर, एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन, मॉडर्ना और सिनोफार्म  के कोविड-19 टीकों को शामिल किया है, लेकिन भारत में निर्मित कोवाक्सिन को अभी भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी का इंतजार है। मंगलवार को डब्ल्यूएचओ की बैठक में कोवॉक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बॉयोटेक को उम्मीद थी कि उसे भी वैश्विक संस्था कोरोना के खिलाफ आपातकालीन उपयोग सूची वाले कोविड-19 टीकों में शामिल कर लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन को अभी भी कोवॉक्सिन की प्रमाणिकता और उसकी प्रभाविकता पर संदेह है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की तकनीकि समिति ने हैदराबाद की भारत बॉयोटेक कंपनी से कोवॉक्सिन को लेकर और स्पष्टीकरण मांगे हैं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्स संगठन ने यह भी कहा है कि- 'हमें  उम्मीद है कि भारत बॉयोटेक कोवॉक्सिन को लेकर सभी स्पष्टीकरण इसी सप्ताह के अंत तक उपलब्ध करा देगा। इसलिए कोवॉक्सिन की मंजूरी के लिए अब आगामी बैठक तीन नवंबर को होगी। 
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कोवॉक्सिन पर डब्ल्यूएचओ को क्यों नहीं हो रहा भरोसा 
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोवॉक्सिन पर अपना रुख साफ किया है। पिछले सप्ताह कोवॉक्सिन को लेकर डब्ल्यूएचओ की ओर से ट्वीट किया गया था कि कोरोना के खिलाफ टीका सुरक्षित है या नहीं  इसके लिए गहन मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। आपातकालीन उपयोग की मंजूरी देने के लिए हम सुरक्षा मानकों को दरकिनार नहीं कर सकते। डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं, इसके गहन मूल्यांकन की आवश्यकता है। 
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डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि - 

'वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल करने के लिए यह जरूरी है कि उसे बनाने वाली कंपनी कितनी समय सीमा के अंदर जरूरी और पर्याप्त डेटा उपलब्ध करा देती है। समय सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि कंपनी वैक्सीन की गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभाविकता और विकासशील  व  अविकसित देशों में वैक्सीन के उपयोग के लिए मूल्यांकन  का पर्याप्त डेटा प्रदान करने मे सक्षम है या नहीं। 


19 अप्रैल को भारत बॉयोटेक ने किया था आवेदन 
कोवॉक्सिन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल करने के लिए  भारत बॉयोटेक की ओर से 19 अप्रैल को आवेदन किया गया था। कंपनी की ओर से डब्ल्यूएचओ की तकनीकि समिति के सामने कई तरह के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए हैं। हालांकि, अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोवॉक्सिन के अंतिम लाभ-जोखिक के मूल्यांकन पर कंपनी का स्पष्टीकरण मांगा है। 

इस बीच कोवाक्सिन को ओमान में भी अप्रूव लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। ओमान में भारतीय दूतावास की ओर से बताया गया कि कोवाक्सिन की दोनों डोज ले चुके यात्रियों के ओमान पहुंचने पर उन्हें क्वारंटीन नहीं रहना होगा। ओमान सरकार ने बुधवार को यह फैसला लिया।




77.8 प्रतिशत है प्रभावी 
भारत का पहला स्वदेशी कोविड-19 टीका, कोवॉक्सिन 77.8 प्रतिशत प्रभावी है। कंपनी की ओर से किए गए तीसरे चरण के ट्रायल के बाद ये आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे। भारत बायोटेक ने डब्ल्यूएचओ को बताया कि 14 देशों में कोवॉक्सिन को मंजूरी दी गई है और 70 मिलियन खुराक निर्यात की गई हैं। 

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