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Destination Wedding: विदेश में शादियों के लिए एक लाख करोड़ खर्च रहे भारतीय, देश में गोवा-जयपुर-उदयपुर बनी पसंद
Sun, 10 Dec 2023 06:00 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sun, 10 Dec 2023 06:00 AM IST
सार
पीएम मोदी ने 26 नवंबर को मन की बात में कहा कि इस समय विदेश में शादियां करने का चलन हो गया है। इस वजह से हमारे पैसे बाहर जा रहे हैं। लोगों को कोशिश करना चाहिए कि शादियां भारत में हों, ताकि यहां का पैसा यहीं पर रहे।
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- फोटो : instagram/perfect__wedding___
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विस्तार
विदेश में हर साल शादियों पर भारतीय एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद इस तरह की शादियों के देश में होने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे सालाना इतनी बड़ी रकम को बाहर जाने से बचाया जा सकता है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, मेक इन इंडिया अभियान के तहत यह एक अच्छा कदम है, जिसे सही समय पर उठाया गया है।
पीएम मोदी ने 26 नवंबर को मन की बात में कहा कि इस समय विदेश में शादियां करने का चलन हो गया है। इस वजह से हमारे पैसे बाहर जा रहे हैं। लोगों को कोशिश करना चाहिए कि शादियां भारत में हों, ताकि यहां का पैसा यहीं पर रहे। इस घोषणा के बाद से कैट ने पूरे भारत में व्यवसायियों और लोगों के बीच इस सोच को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से एक अभियान चलाया है। कैट का अनुमान है कि सालाना लगभग 5 हजार ऐसी शादियां विदेश में होती हैं, जिनमें 75 हजार करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये तक का खर्च होता है। हालांकि, देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 100 प्रमुख शहरों में 2 हजार से अधिक ऐसे बेहतरीन स्थान हैं, जहां विदेश की तरह शादियां की जा सकती हैं। इनमें गोवा, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, चेन्नई, दिल्ली और अन्य स्थान हैं। यहां मध्यम से लेकर बड़े बजट तक की शादियां हो सकती हैं।
पीएम के आह्वान से शादी उद्योग को मिलेगी मजबूती
कैट के मुताबिक, अगर विदेश में होने वाली शादियां भारत में होती हैं तो इससे एक बड़ा कारोबार देश में ही रह सकता है। साथ ही शादी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में शादी उद्योग में एक मजबूत नेटवर्क विकसित किया है। इससे शादी से संबंधित सामान और सेवाएं एक महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान देने वालों में शामिल हो गए हैं।
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पीएम मोदी ने 26 नवंबर को मन की बात में कहा कि इस समय विदेश में शादियां करने का चलन हो गया है। इस वजह से हमारे पैसे बाहर जा रहे हैं। लोगों को कोशिश करना चाहिए कि शादियां भारत में हों, ताकि यहां का पैसा यहीं पर रहे। इस घोषणा के बाद से कैट ने पूरे भारत में व्यवसायियों और लोगों के बीच इस सोच को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से एक अभियान चलाया है। कैट का अनुमान है कि सालाना लगभग 5 हजार ऐसी शादियां विदेश में होती हैं, जिनमें 75 हजार करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये तक का खर्च होता है। हालांकि, देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 100 प्रमुख शहरों में 2 हजार से अधिक ऐसे बेहतरीन स्थान हैं, जहां विदेश की तरह शादियां की जा सकती हैं। इनमें गोवा, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, चेन्नई, दिल्ली और अन्य स्थान हैं। यहां मध्यम से लेकर बड़े बजट तक की शादियां हो सकती हैं।
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पीएम के आह्वान से शादी उद्योग को मिलेगी मजबूती
कैट के मुताबिक, अगर विदेश में होने वाली शादियां भारत में होती हैं तो इससे एक बड़ा कारोबार देश में ही रह सकता है। साथ ही शादी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में शादी उद्योग में एक मजबूत नेटवर्क विकसित किया है। इससे शादी से संबंधित सामान और सेवाएं एक महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान देने वालों में शामिल हो गए हैं।
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