फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   indian women farmers behind millet renaissance to share expertise with G20 leaders spouses

G20: बाजरा जैसे मोटे अनाज की खूबियां बताएंगी महिला किसान; G20 नेताओं के जीवनसाथियों के साथ साझा करेंगी अनुभव

Wed, 06 Sep 2023 08:32 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 06 Sep 2023 08:32 PM IST
सार

भारत की 20 से अधिक महिला किसान जी20 नेताओं की पत्नियों साथ के बाजरा जैसे मोटे अनाज की खेती के बारे में अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगी। 

विज्ञापन
indian women farmers behind millet renaissance to share expertise with G20 leaders spouses
Women farmers from remote villages of India - फोटो : ANI

विस्तार

भारत की अध्यक्षता में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की 20 से अधिक महिला किसानों को भी आमंत्रित किया गया है। खास बात ये है कि वे जी20 नेताओं की पत्नियों साथ के बाजरा जैसे मोटे अनाज की खेती के बारे में अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगी। ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में मोटे अनाज की खेती में क्रांति लाने के काफी तेजी से काम कर रही हैं।

विज्ञापन


कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के इस आयोजन के दौरान मोटे अनाजों का उत्पादन करने वाले 11 राज्यों की 22 महिला किसान उद्यमी भी अपने अनुभवों को साझा करेंगी। इन राज्यों में राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश , मध्यप्रदेश , तमिलनाडु, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ , बिहार और असम शामिल हैं।
विज्ञापन


इकाई स्थापित करके बाजरे के आटे से लेकर डोसा मिश्रण तक काम कर रहीं तमिलनाडु की मरेश्वरी
ग्रामीण तमिलनाडु की एल मरेश्वरी एक किसान, उद्यमी, प्रशिक्षक और सामुदायिक नेता हैं। अपने साथियों की भलाई के लिए काम करने की उनकी इच्छा ने उन्हें समान विचारधारा वाली 20 महिलाओं के साथ एक किसान हित समूह बनाने के लिए प्रेरित किया। महिला किसान मरेश्वरी ने कहा कि हमने एक स्थानीय कारखाने के लिए वजन के हिसाब से दालों की सफाई से शुरुआत की। हमने अपनी कमाई का इस्तेमाल एक छोटी इकाई स्थापित करने के लिए किया, जो अब बाजरे के आटे से लेकर डोसा मिश्रण तक सब कुछ करती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लगातार फसल की विफलता से जूझ रही ओडिशा की एक परेशान धान किसान सुबासा मोहंता ने बाजरा की खेती को अपनाकर अपना जीवन बदल दिया और मयूरभंज जिले की मंडिया मां (फिंगर बाजरा मां) के रूप में प्रसिद्ध हो गईं। वहीं, ओडिशा के कोरापुट जिले के भूमिया समुदाय की आदिवासी महिला किसान रायमती घुरिया को नौ से 10 सितंबर तक दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निमंत्रण मिला है। शिखर सम्मेलन के दौरान एक प्रदर्शनी में आदिवासी महिला रायमती घुरिया मोटे अनाज से संबंधित अपने स्टार्टअप, मोटे अनाज से बनी रंगोली को प्रदर्शित करेंगी। यह प्रदर्शनी नौ सितंबर को नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) परिसर में कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित की जायेगी। 

निमंत्रण मिलने पर जताई खुशी
निमंत्रण मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए रायमती घुरिया ने कहा कि मुझे जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का मौका मिल रहा है और इसे लेकर बहुत खुश हूं। मैंने सुना है कि कम से कम 20 देशों के नेता बैठक में भाग लेंगे और मैं रागी और इसकी खेती की जनजातीय पद्धति का प्रदर्शन करूंगी। आगे उन्होंने कहा कि मैं हमारे क्षेत्र में 2017 से ‘ओडिशा मिलेट मिशन’ (ओएमएम) द्वारा शुरू की गई बेहतर तकनीक और वैज्ञानिक खेती के तरीकों के लाभों पर अपना अनुभव साझा करूंगी। 


 लहरी बाई की पीएम मोदी कर चुके हैं प्रशंसा
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की रहने वाली लहरी बाई की कहानी भी काफी दिलचस्प है। उन्होंने जंगलों के अंदर अपनी दो कमरे की मिट्टी की झोपड़ी में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करके एक अनौपचारिक बीज बैंक स्थापित किया है। लहरी बाई बैगा आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। वह 150 से अधिक किस्मों के बीजों का संरक्षण कर रही है, जिसमें लगभग 50 किस्मों के बाजरे के बीज भी शामिल हैं, और उनको 'भारत की बाजरा रानी' कहा जाता है। इस दिशा में उनके प्रयासों की किसी और ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed