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पिछले तीन वर्षों में रेलवे की हालत हुई बदतर, जानिए किस साल कितने प्रतिशत ट्रेनें हुईं लेट

Fri, 04 May 2018 03:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 04 May 2018 03:09 PM IST
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Indian Railways registered worst punctuality performance in three years
भारतीय रेलवे

वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान लगभग 30 प्रतिशत ट्रेनें लेट रही हैं। भारतीय रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यदि इसके समयपालन को देखा जाए तो तीन सालों में इसकी हालत बदतर हुई है। अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के दौरान पैसेंजर (यात्री) और एक्सप्रेस ट्रेनें 71.39 प्रतिशत लेट हुई हैं। उससे पहले यानी 2016-17 के दौरान 76.69 प्रतिशत ट्रेनें लेट हुई थीं। यानी इसमें 5.30 प्रतिशत की कमी आई है। 

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साल 2015-16 के दौरान 77.44 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चली थीं। रेलवे द्वारा किए गए भारी रखरखाव कार्य ने सीधे तौर पर उसके समयपालन की क्षमता को प्रभावित किया है। साल 2016-17 के दौरान रेलवे ने 2,687 ब्लॉक क्षेत्र में लगभग 15 लाख रख-रखाव के कार्य किए जिसकी वजह से पैसेंजर और एक्सप्रेस दोनों ट्रेनें लेट हुईं। साल 2017-18 के दौरान 4,426 ब्लॉक्स में रख-रखाव के कार्य किए गए।
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भारतीय रेलवे एक ऐसे चरण से गुजर रही है जो बड़े तरीके से अपग्रेड, आधुनिकीकरण और ट्रैकों के नवीकरण हो रहा है। जिसकी वजह से पिछले कुछ सालों में होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। रेल मंत्रालय के मीडिया और संचार के निदेशक राजेश दत्त बाजपेयी ने कहा- हम सुरक्षा से समझौता किए बिना और ट्रैक को अपग्रेड करते हुए यह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ट्रेनों के समयपालन को सुधारा जा सके।
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यह डाटा दिखाता है कि पिछले 35 सालों के दौरान पिछले साल पहली बार ऐसा हुआ कि भारतीय रेलवे में होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या दो अंक के अंदर सिमट गई है। पिछले तीन सालों के दौरान ट्रेन हादसों की संख्या काफी घटी है। साल 2014-15 के बीच 135, 2015-16 के दौरान 107 और 2016-17 के दौरान 104 दुर्घटनाएं हुई हैं। वहीं खामियों की वजह से होने वाली रेल दुर्घटनाएं भी घटकर 73 पर सिमट गई हैं।

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