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Hindi News ›   India News ›   Indian Railways Mission Raftaar scheme is not coming to fruition how will the high speed train run

लेटलतीफी: रेलवे का मिशन रफ्तार, नहीं चढ़ रहा परवान...कैसे चलेगी हाईस्पीड ट्रेन; ईएमयू की रफ्तार 41 तक सिमटी

Fri, 21 Jun 2024 07:42 AM IST
नवनीत शरण Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 21 Jun 2024 07:42 AM IST
सार

रेलवे ट्रैक पर आज भी मेल एक्सप्रेस औसतन 51 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ही दौड़ रही है। इतना ही नहीं इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) ट्रेन की गति 37.65 किलोमीटर प्रति घंटे तक सिमट गई है, जबकि 2015-16 में इस ट्रेन की गति 41 किलोमीटर प्रतिघंटे थी।

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Indian Railways Mission Raftaar scheme is not coming to fruition how will the high speed train run
भारतीय रेल - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

जब-जब रेल हादसे होते हैं तो यह बात सामने आती है कि ट्रेन ओवर शूट कर गई। ड्राइवर स्पीड को कंट्रोल करने में विफल रहा। लेकिन, सच्चाई यह भी है कि ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की कई कोशिशों के बावजूद भारतीय रेलवे की मिशन रफ्तार योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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रेलवे ट्रैक पर आज भी मेल एक्सप्रेस औसतन 51 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ही दौड़ रही है। इतना ही नहीं इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) ट्रेन की गति 37.65 किलोमीटर प्रति घंटे तक सिमट गई है, जबकि 2015-16 में इस ट्रेन की गति 41 किलोमीटर प्रतिघंटे थी। यह स्थिति तब है जब दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर 160 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने की बात हो रही है और रेल मंत्रालय यह दावा कर रहा है कि प्रतिदिन 14 किलोमीटर से अधिक नई पटरी बिछाई जा रही है। विनिर्माण कार्य पर सबसे अधिक फोकस किया गया है।
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मिशन रफ्तार को सबसे पहले 2016-17 के बजट में पेश किया गया था। इसके तहत ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की पहल शुरू की गई थी। लेकिन छह साल बाद भी ना तो मेल एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ी और ना ही पैसेंजर व मालगाड़ियों की। जबकि मालगाड़ी चलाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया है। रेलवे का कहना था कि जब इस कॉरिडोर का निर्माण हो जाएगा तो मेन लाइन से 40 फीसदी खाली होगी और ट्रेनों की संख्या के साथ ही रफ्तार भी बढ़ेगी। लिहाजा आज भी ट्रेनों की लेटलतीफी आम है। हालांकि कुछ वीवीआईपी ट्रेन है, जिसमें वंदे भारत, राजधानी समेत कई सुपर फास्ट एक्सप्रेस है जो अपनी गति को बनाए हुए है। मिशन रफ्तार नीति के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने तेजस, डबल डेकर उदय, हमसफर जैसी सुपर फास्ट ट्रेन की घोषणा की गई, इनमें तेजस और उदय ट्रेन पटरी पर दिखती भी नहीं है। इतना जरूर है कि इसके जगह पर वंदे भारत चेयर कार ने ले ली है।
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23.58 किमी प्रतिघंटे ट्रैक पर दौड़ रही मालगाड़ियां, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का फायदा नहीं

आंकड़ों के अनुसार ट्रेनों की औसत रफ्तार
गाड़ी 2015-16 (किमी प्र.घं.) 2023-24 (किमी प्र.घं.)
ईएमयू 41.00 किमी प्र.घं. 37.65 किमी प्र.घं.
मेल एक्सप्रेस 50.90 किमी प्र.घं. 51.14 किमी प्र.घं.
सामान्य ट्रेन 33.90 किमी प्र.घं. 35.10 किमी प्र.घं.
मालगाड़ी 23.70 किमी प्र.घं. 23.58 किमी प्र.घं.

क्या कहता है रेल मंत्रालय
कोविड पूर्व अवधि से 2023-24 में मेल/एक्सप्रेस और साधारण यात्री गाड़ी सेवाओं की गति में वृद्धि हुई है। भारतीय रेल स्तर पर विभिन्न प्रकार की यात्री और माल गाड़ियों द्वारा प्राप्त औसत गति को बनाए रखा जाता है।
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