Indian Railways: उत्तर भारत में कोहरे के चलते देरी से चल रहीं कई ट्रेनें, ऐसे ले सकते पैसे रिफंड, जानें नियम
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विस्तार
कड़ाके सर्दी की चलते इस समय समूचा उत्तर भारत घने कोहरे की चपेट में है। कोहरे की चलते लोगों को सड़क पर गाड़ी चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारतीय रेलवे की रफ्तार भी धीमी हो गई है। अलग-अलग रूट्स पर ट्रेनें 12-12 घंटे की देरी से चल रही हैं। वहीं, कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। भारतीय रेलवे के मुताबिक, 4 जनवरी को दिल्ली आने वाली करीब 26 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इसी बीच यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या ट्रेनों के लेट होने या फिर रद्द होने पर क्या रेलवे रिफंड देता है या नहीं। अगर रिफंड मिलता है तो इसे कैसे लिया जा सकता है। आइए जानते हैं...
इस तरीके से लिया जा सकता है रिफंड
भारतीय रेलवे के मुताबिक, यदि कंफर्म आरएसी या वेटिंग लिस्ट टिकट रखने वाले यात्री की ट्रेन में तीन घंटे से अधिक की देरी होती है और वह यात्री ट्रेन में देरी के कारण ट्रैवल नहीं करने का फैसला करते हैं, तो वह फुल रिफंड पाने के लिए पात्र होते हैं। यदि आपके पास ई-टिकट है, तो आपको पूरा रिफंड पाने के लिए ट्रेन रवाना होने से पहले एक ऑनलाइन टीडीआर भरना होगा। अगर किसी यात्री ने रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदा है, तो आपको पूरा रिफंड पाने के लिए अपना टिकट कैंसिल करना होगा। ई-टिकट के लिए रिफंड का पैसा आमतौर पर 3 से 7 वर्किंग-डे में मिल जाता है। यह अमाउंट आपको टिकट बुकिंग के समय पेमेंट करने लिए उपयोग किए गए बैंक अकाउंट में भेज दिया जाता है। हालांकि, किसी कारणवश ट्रेन छूटने के बाद टिकट कैंसिल पर आप रिफंड के पात्र नहीं होते हैं।
रेलवे के नियमों के अनुसार, फुल रिफ़ंड का अनुरोध केवल तभी किया जा सकता है, जब ट्रेन तीन घंटे से अधिक लेट हो। अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव करने या कैंसिल करने वाले यात्रियों के लिए कैंसिलेशन चार्ज भी है। कैंसिलेशन चार्ज टिकट के टाईप और कैंसिलेशन चार्ज शुरू होने के समय के आधार पर अलग-अलग होता है। रिफंड के लिए आईआरसीटीसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करके या रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर रिफंड हासिल करने के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
इस तरह से ले सकते है रिफंड
रिफंड पाने के लिए यात्री को टिकट डिपॉजिट रसीद फाइल करना होगा। आप टीडीआर आईआरसीटीसी के वेबसाइट और एप के जरिए फाइल कर सकते हैं। अगर आप ऐसे यात्री हैं, जिन्होंने टिकट काउंटर से टिकट लिया है, तो आपको यात्रा शुरू करने वाले स्टेशन यानी अपने बोर्डिंग स्टेशन पर अपना टिकट सरेंडर करना होगा, जिसके बाद आपको रिफंड मिल जाएगा। वहीं ऑनलाइन तरीके से आप टीडीआर फाइल करके ई-टिकट पर रिफंड पा सकते हैं। हालांकि, आपको बता दें कि रिफंड आने में कम से कम तीन महीने यानी 90 दिनों का समय लगेगा।
ऐसे फाइल कर सकते है टीडीआर
- सबसे पहले आप अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से आईआरसीटीसी वेबसाइट पर लॉग इन कर लें।
- इसके बाद आप उपर मौजूद ‘Services’ टैब में "File Ticket Deposit Receipt (TDR)" पर क्लिक करें।
- My Transactions टैब के अंतर्गत बाएं पैनल में "File TDR" लिंक पर क्लिक करें। आपका टीडीआर दावा अनुरोध रिफंड की प्रक्रिया के लिए संबंधित रेलवे को भेजा जाएगा।
- आपको बता दें कि रिफंड का पैसा उसी खाते में आएगा जिसके माध्यम से भुगतान किया गया था। कंफर्म तत्काल टिकट रद्द करने की स्थिति में कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा
कैंसिल टिकट के नियम भी जानें
कन्फर्म टिकटों के लिए कैंसिलेशन चार्ज (48 घंटे से अधिक पहले)
- फर्स्ट एसी /एग्जीक्यूटिव क्लास: प्रति व्यक्ति फ्लैट 240 रुपये कैंसिलेशन चार्ज
- सेकंड एसी-टियर/फर्स्ट क्लास: 200 रुपये
- थर्ड एसी -टियर/एसी चेयर कार/थर्ड एसी-इकोनॉमी: 180 रुपये
- सेकंड क्लास: 60 रुपये
2. 48 घंटे से कम और डिपार्चर से 12 घंटे पहले तक कैंसिलेशन:
- भुगतान किए गए कुल टिकट किराए का 25 फीसदी (न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज के अधीन)
3. 12 घंटे से कम समय और डिपार्चर से 4 घंटे पहले तक कैंसिलेशन:
- टिकट खरीदते समय भुगतान किए गए कुल किराए का 50 फीसदी (प्रत्येक क्लास के लिए न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज के अधीन)
4. आरएसी/वेटिंग लिस्ट वाले टिकटों को कैंसिल करना (डिपार्चर से आधे घंटे पहले तक):
- प्रति व्यक्ति क्लर्केज चार्ज काटने के बाद फुल रिफंड