Mann Ki Baat: मन की बात को ऐसे खास बनाएगा रेलवे, यात्री 'पीएम' संग सेल्फी लेकर इस तरह सुन सकेंगे 100वां एपिसोड
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विस्तार
30 अप्रैल की सुबह 11 बजे अगर आप ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं और पीएम नरेंद्र मोदी की 100वीं मन की बात सुनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। मन की बात सुनने वाले यात्री रेलवे स्टेशन पर क्यू आर कोड का उपयोग कर इसे बहुत ही आसानी से सुन सकेंगे। पीएम मोदी की 30 अप्रैल को होने वाली 100वीं मन की बात कार्यक्रम को बहुआयामी स्तर पर प्रसारण के लिए रेलवे स्टेशन पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। इसे स्कैन कर यात्री अपने मोबाइल पर सीधे मन की बात कार्यक्रम को सुन सकेंगे।
रेलवे की तैयारी है कि देश के हर बड़े स्टेशनों के टीवी स्क्रीन पर मन की बात कार्यक्रम प्रसारण होगा। वहीं, उन स्टेशनों पर जहां टीवी स्क्रीन जैसी सुविधाएं नहीं है, वहां के लिए रेडियो, मोबाइल जैसे वैकल्पिक साधन का प्रयोग करने की अपेक्षा रेल कर्मियों से की गई है, ताकि छोटे स्टेशनों पर भी मन की बात को रेलवे कर्मचारी खुद भी सुनें और यात्रियों को सुना सकें।
उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया है कि पीएम के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण रेलवे स्टेशन पर एलईडी टीवी पर भी दिखेगा। जबकि क्यूआर कोड वाले स्टैंड भी लगाए जा रहे हैं। कोई भी इसे स्कैन कर कोई भी कार्यक्रम का हिस्सा बन सकेगा। रेलवे बोर्ड से मिले निर्देश से सभी जोनल रेलवे ने मंडल को प्रचार प्रसार के लिए पर्याप्त प्रबंध करने का इंतजाम के लिए कहा है। स्टेशनों पर क्यूआर कोड को आकर्षक रूप से स्टैंड और पीएम की फोटो के साथ लगाया है, ताकि यात्री इसके साथ सेल्फी भी ले सकें।
सरकार और भाजपा की ये है तैयारी
सरकार और भाजपा के स्तर पर भी मन की बात के 100वें एपिसोड को यादगार बनाने की जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए सरकार और भाजपा ने कमर कस ली है और रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक पार्टी की तरफ से उसके सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इसे सफल बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। सभी सांसदों से कहा गया है कि वो अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में एक चुनी हुई जगह पर लोगों के साथ 30 अप्रैल को इस प्रसारण को सुनें।
इस रेडियो प्रसारण को एक साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों की ओर से सुनने का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने अपने सभी सांसदों और विधायकों को 'मन की बात' के प्रसारण को सुनने के लिए विशेष इंतजाम करने का निर्देश दिया है। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने, उस इलाके के बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और पार्टी संगठन के साथ समन्वय के साथ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सभी राज्यसभा सांसदों को भी ऐसे ही कार्यक्रम करने का निर्देश दिया गया है। सभी सांसद करीब 1,000 लोगों के साथ इस विशेष प्रसारण को सुनेंगे। 30 अप्रैल से एक दिन पहले यानी 29 अप्रैल को सभी सांसद 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर अपने-अपने इलाके में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे।
सरकारी कार्यक्रमों की बात करें, तो अब तक की जानकारी के मुताबिक, देश के हर राज्य के राज भवनों में 'मन की बात' कार्यक्रम सुनने का इंतजाम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक राज भवनों में होने वाले कार्यक्रम में उस राज्य के राज्यपाल के अलावा उस शहर और राज्य के करीब 200 गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहेंगे। इन कार्यक्रमों में राज्य के उन लोगों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, जिसका नाम प्रधानमंत्री मोदी ने किसी न किसी 'मन की बात' कार्यक्रम में लिया था।
पीएम मोदी के मन की बात का पहला प्रसारण 2014 में 03 अक्तूबर को हुआ था। हाल ही में आईआईएम रोहतक की ओर से किए गए एक सर्वे के मुताबिक पीएम की ओर से मन की बात में उठाए गए सबसे लोकप्रिय विषयों में भारत की वैज्ञानिक उपलब्धि, आम नागरिकों के किस्से, सशस्त्र बलों की वीरता, युवा संबंधित मुद्दे और पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इस सर्वे के मुताबिक, हर 'मन की बात' कार्यक्रम में श्रोताओं की संख्या बढ़ती ही गई है। सर्वे में बताया गया है कि अब तक 100 करोड़ लोग इस प्रसारण को कम से कम एक बार जरूर सुन चुके हैं, जबकि 23 करोड़ लोग इसे नियमित तौर पर सुनते हैं।