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Indian Railways: यात्रियों को ट्रेनों के गंदे टॉयलेट्स से ऐसे मिलेगी निजात, इस तकनीक के जरिए सफाई करेगा रेलवे

Sat, 20 Apr 2024 03:25 PM IST
काव्या मिश्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 20 Apr 2024 03:25 PM IST
सार

रेलवे बोर्ड ट्रेन के शौचालयों में बदबू का पता लगाने के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स या आईओटी पर आधारित तकनीक के उपयोग पर विचार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए मुंबई के एक स्टार्टअप विलिसो टेक्नोलॉजीज को चुना जा चुका है।

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Indian Railways is using technique to provide relief from smelly toilets of train to passengers update news
यात्रियों को अब ट्रेनों में नहीं मिलेंगे बदबूदार शौचालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम यात्री जब भी ट्रेन में लंबी दूरी का सफर तय करता है, तो उसे सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन में होती गंदगी और बदबूदार टॉयलेट से होती है। आज चाहे वंदे भारत एक्सप्रेस हो, राजधानी एक्सप्रेस हो, शताब्दी एक्सप्रेस हो या फिर कोई अन्य सुपरफास्ट ट्रेन, सभी की टॉयलेट गंदी और बदबूदार ही होती है। ट्रेन जिस स्टेशन से शुरू होती है, वह भले ही साफ सुथरे होते हैं, लेकिन थोड़े समय बाद ही वे गंदे हो जाते हैं। चलती ट्रेन में कभी-कभार टॉयलेट की सफाई भले ही हो जाती है, लेकिन बदबू कम नहीं होती है। लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने नई तकनीक के जरिए टॉयलेट्स की बदबू दूर करने का प्रयास कर रहा है।

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रेलवे से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारतीय रेलवे इस समय रेल मदद पोर्टल और एप पर जितनी शिकायतें मिल रही हैं, उनमें ज्यादातर टॉयलेट्स से ही जुड़ी होती हैं। इन गंदे टॉयलेट्स का अभी तक कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। इसलिए रेलवे अब टेक्नोलॉजी के जरिए ट्रेनों के बदबूदार और गंदे शौचालयों की समस्या का समाधान करना करने जा रहा है।
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रेलवे बोर्ड ट्रेन के शौचालयों में बदबू का पता लगाने के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स या आईओटी पर आधारित तकनीक के उपयोग पर विचार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए मुंबई के एक स्टार्टअप विलिसो टेक्नोलॉजीज को चुना जा चुका है। फिलहाल ये कंपनी टेस्टिंग के तौर पर कुछ वीआईपी ट्रेनों के कोच में यह तकनीक लगाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परीक्षण के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी वाले एलएलबी कोच और परंपरागत आईसीएफ कोच वाली कुछ ट्रेनों का चयन किया जाएगा। इनमें वीआईपी ट्रेनों के अलावा भीड़ वाली ट्रेनें भी हैं। इसके बाद इस तकनीक का परीक्षण वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन में भी किया जाएगा।
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नई तकनीक इस तरह करेगी काम
दरअसल, ट्रेन के टॉयलेट में बदबू का पता लगाने के लिए सेंसर से लैस स्मार्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। ये सेंसर हवा में अस्थिर यौगिकों और अणुओं की पहचान कर सकते हैं। वहां से प्राप्त सूचनाओं को विश्लेषण के लिए सेंट्रल हब या लैब में भेज सकते हैं। इस विश्लेषण के आधार पर, स्वचालित प्रतिक्रियाएं शुरू की जा सकती हैं, जैसे दुर्गंध का पता चलने पर सफाई कर्मचारियों को सफाई के लिए सचेत करना।

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