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वैष्णव: आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा रेलवे, स्टैंडर्ड गेज वाली वंदे भारत ट्रेनों का निर्यात करेगा

Tue, 27 Feb 2024 05:15 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 27 Feb 2024 05:15 AM IST
सार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, वंदे भारत ट्रेन युवाओं को बेहद पसंद आ रही है। यात्रियों को इस ट्रेन में वर्ल्ड क्लास आधुनिक ट्रेन का आनंद मिल रहा है। कुछ ही वर्षो में इस ट्रेन को निर्यात किया जाएगा

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Indian Railways export standard gauge Vande Bharat trains Ashwini Vaishnav
रेलवे मंत्री, अश्विनी वैष्णव - फोटो : ANI

विस्तार

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, रेलवे अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। श्रीलंका, बांग्लादेश ही नहीं विश्व में अन्य जगहों पर ट्रेन निर्यात करने का रोड मैप तैयार किया है। इस कड़ी में आधुनिक तकनीक से लैस वंदे भारत ट्रेन को अब निर्यात किया जाएगा। ब्रॉड गेज के अलावा स्टैंडर्ड गेज वाली वंदे भारत ट्रेन का भी निर्माण शुरू किया गया है।

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, वंदे भारत ट्रेन युवाओं को बेहद पसंद आ रही है। यात्रियों को इस ट्रेन में वर्ल्ड क्लास आधुनिक ट्रेन का आनंद मिल रहा है। कुछ ही वर्षो में इस ट्रेन को निर्यात किया जाएगा। पुल-पुश तकनीक पर आधारित वंदे भारत ट्रेन रिकॉर्ड स्तर पर सफल रही है। वैष्णव ने बताया कि 2014 तक आरओबी व आरयूबी का निर्माण काफी धीमी गति से होता था।
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कश्मीर में धारा 370 हटने से तेजी से हो रहा है काम
प्रति वर्ष 400 के करीब मानव रहित समपार फाटक को खत्म किया जा रहा था। अब हर साल 1000 से ज्यादा आरओबी व आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट प्रोजेक्ट के तहत 280 किलोमीटर ट्रैक तैयार कर लिया गया है। कश्मीर में धारा 370 हटने से काम में तेजी आई है। चेनाब व अंजी पुल बन कर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे बिना किसी भेदभाव के काम कर रहा है।
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विकसित भारत का आधार तेजी से रखा जा रहा है। अगले महीने कई स्टेशन तैयार होंगे और उसका लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षो में 31 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइन बनी है, जो इटली और फ्रांस में जितना रेलवे का नेटवर्क है उसके बराबर है। 2014 से पहले मात्र 4 किलोमीटर प्रतिदिन रेलवे लाइन बनती थी आज 15 किलोमीटर प्रतिदिन बन रही है। इस वर्ष 5500 किलोमीटर नई रेलवे लाइन जुड़ेगी, स्विट्जरलैंड में जितनी बड़ी रेल लाइन है, यह उसके बराबर है। दस वर्षो में 40 हजार किलोमीटर डीजल लाइन का बिजलीकरण किया गया है जो जर्मनी के रेलवे नेटवर्क से भी काफी अधिक है।

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