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Ceasefire: क्यों तुर्किये-चीन से अमेरिका तक के घुटनों पर गिरा पाकिस्तान, कैसे भारत ने एक ही रात में तोड़ी कमर?

Sun, 11 May 2025 05:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 11 May 2025 05:46 PM IST
सार

आतंकवाद के सवाल पर भारत ने पड़ोसी पाकिस्तान के लिए एक लक्ष्मण रेखा खींच दी। सीजफायर को स्वीकार करने से पहले भारत ने घोषित कर दिया कि अब भविष्य में देश के अंदर होने वाली एक भी आतंकी घटना को वह अपने खिलाफ युद्ध मानेगा। इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि भविष्य में ऐसी आतंकी कार्रवाई के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के लिए भारत ने खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया है। इससे पहले भारत ने पाकिस्तान को कई जख्म दिए। आइए जानते हैं...

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Indian Pakistan Ceasefire: Why did Pakistan fall on its knees of Turkey China America how did India won battle
भारत-पाकिस्तान तनाव - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ता गया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। इसके तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही भारत के इस ऑपरेशन में कई कुख्यात आतंकी ढेर कर दिए। इसके बाद पाकिस्तान ने हर दिन सीमा पर युद्धविराम का उल्लंघन किया और सीमावर्ती जिलों में गोलीबारी, ड्रोन, मिसाइल से हमले किए। इसका भारतीय सेना की तरफ से माकूल जवाब दिया गया।

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पहले पूरे मामले को समझ लेते हैं...
16 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भड़काऊ बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम हिंदुओं से अलग हैं। हमारा महजब, हमारी सोच अलग है। हम भारत के खिलाफ संघर्ष करने वाले अपने कश्मीरी भाइयों को नहीं छोड सकते हैं। इसके बाद 22 अप्रैल कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में पर्यटकों को आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर गोली मारी। इसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली पर्यटक की मौत हुई। भारत ने विरोध स्वरूप पाकिस्तान से सिंधु जल संधि निलंबित कर दी। आयात-निर्यात रोक दिया। पाकिस्तानी नागरिकों से देश छोड़ने को कहा गया। साथ ही, उच्च स्तरीय बैठकों की शुरुआत हुई और आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार होने लगी। 6-7 मई की दरमियानी रात 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच भारतीय शस्त्रों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में नौ जगहों पर 24 मिसाइलें दागकर आतंकी ढांचों की कमर तोड़ दी। इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी शिविर शामिल थे। नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलाबारी कर रहे पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद उकसावे वाली हरकतें और तेज कर दीं।
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भारत का रक्षा कवच भेद नहीं पाया पाकिस्तान, उल्टा उसके सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा
8 मई से 10 मई के बीच पाकिस्तान ने भारत के 15 सैन्य ठिकानों और 26 से ज्यादा शहरों पर ड्रोन से हमलों की कोशिश की। पाकिस्तान भारत के वायु रक्षा कवच को भेद नहीं पाया और उसके लगभग सभी हमले विफल रहे। पाकिस्तान की तरफ से 400 से ज्यादा ड्रोन दागे गए। हाई स्पीड मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ। भारत ने सभी को इंटरसेप्ट कर दिया। पाकिस्तान दुस्हास का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को उसके 13 सैन्य ठिकानों पर भारी नुकसान पहुंचा। इसके लिए उसके नौ आतंकी ठिकाने पहले ही ध्वस्त किए जा चुके थे। 

आइये अब समझते हैं कैसे भारत ने पाकिस्तानी एयरफोर्स का इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया... 
8 मई, गुरुवार
1. लाहौर, राडार सिस्टम नष्ट

पाकिस्तान के हमलों के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की शुरू की। सबसे पहले आठ मई को लाहौर स्थित एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। भारत की इस कार्रवाई में लाहौर का राडार सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 



9 मई, शुक्रवार
शुक्रवार की रात भी पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। भारत कि इस जवाबी हमले ने पाकिस्तानी एयरफोर्स को भारी नुकसान पहुंचाया। इन ठिकानों में रावलपिंडी के चकलाला का नूरखान एयरबेस, सियालकोट एविएशन बेस, पसरूर रडार साइट, मुरीद एयरबेस, रफीकी एयरबेस, चुनियान, रहीमयार खान एयरबेस, बोलारी, जैकबाबाद और सुक्कूर एयरबेस शामिल थे। इन सभी सैन्य ठिकानों का महत्व भी जान लीजिए...

2. नूर खान एयरबेस, चकलाला, रावलपिंडी 
ये एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना की लाइफलाइन है, इसे नूर खान एयरबेस के नाम से भी जाना जाता है। इसका नाम पाकिस्तानी एयरफोर्स के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल नूर खान के नाम पर रखा गया है। ये ज्यादातर वीआईपी मूवमेंट और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।  यह एयरबेस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद महज 13 किलोमीटर रावलपिंडी के चकलाला में स्थित है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश के विमानों का हैंगर यही एयरबेस है। पाकिस्तानी संसद और प्रधानमंत्री निवास से इस एयरबेस की दूरी महज 20 किलोमीटर तो सेना प्रमुख के आवास से इस एयरबेस की दूरी महज 10 किलोमीटर है। जम्मू कश्मीर के पुंछ से इस एयरबेस की एरियल दूरी करीब 100 किलोमीटर है। 



3. सियालकोट एविएशन बेस
यह एयरबेस भारतीय सीमा के बेहद करीब स्थिति है। जम्मू कश्मीर के सांबा से इस एविएशन बेस की हवाई दूरी महज 55 किलोमीटर है। इस एविएशन बेस को भी भारतीय सेना ने 9 मई की रात को भारी नुकसान पहुंचाया। यह  बेस जम्मू और पंजाब की ओर उड़ान भरने के लिए फॉरवर्ड-ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता था। इस एविएशन बेस पर हुए नुकसान की वजह से पूर्वी सीमा पर एक अहम ब्लाइंड स्पॉट बन गया जिससे पाकिस्तान की जमीनी सेनाएं भारतीय हवाई प्रभुत्व के सामने मुश्किल में पड़ गईं। 



4. मुरीद एयरबेस
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद ये एक प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा है। इसका इस्तेमाल पाकिस्तान हवाई रक्षा, प्रशिक्षण और युद्ध से जुड़े अभियानों में करता है। यहां पर कई मानवरहित ड्रोन भी तैनात रहते हैं। यह एयरबेस पाकिस्तान का एक संभावित मिसाइल भंडारण केंद्र था। भारत के हमले से पाकिस्तानी वायु सेना की लंबे समय तक लड़ने की क्षमता को कम कर दिया गया। इसके साथ ही पायलट ट्रेनिंग की पाइपलाइन में एक महत्वपूर्ण नोड को काट दिया गया। ये एयरबेस राजधानी इस्लामाबाद से करीब 120 किलो मीटर दूर है। भारतीय सीमा से इसकी दूरी करीब 160 किलोमीटर है। 



5. रफीकी एयरबेस
पंजाब प्रांत के झंग जिले में मौजूद रफीकी एयरबेस आक्रामक हवाई अभियानों के लिए जाना जाता है। यहां पर चीन से मिले JF-17 और मिराज जैसे लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं। ये पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है। इसका नाम 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में मारे गए स्क्वाड्रन लीडर सरफराज अहमद रफीकी के नाम पर रखा गया है। पंजाब के फजिल्का से इसकी हवाई दूरी करीब 175 किलोमीटर है। 



6. रहीमयार खान एयरबेस
रहीमयार खान एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिण क्षेत्र में स्थित है। यह एयरबेस चीनी जे सीरीज, मिराज और ड्रोन का स्टेशन है। ये एयरबेस शेख जायद इंटरनेशल एयरपोर्ट के करीब स्थित है। एयरबेस के पास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होने की वजह से इसका महत्व काफी अलग है। राजस्थान के जैसलमेर से इस एयरबेस की दूरी महज 180 किलोमीटर है। 



7. सुक्कुर एयरबेस
ये दक्षिणी वायु कमान के अंतर्गत, सिंध प्रांत के कराची और हैदराबाद के बीच स्थित जामशोरो जिले में एक सक्रिय ऑपरेशनल एयरबेस है। यह हाल ही में शुरू किया गया था और अब यहां 19 स्क्वाड्रन और ऑपरेशनल कन्वर्जन यूनिट तैनात हैं। यहां से एफ-16ए/बी ब्लॉक 15 एडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट संचालित किए जाते हैं। जैसलमेर से इसकी हवाई दूरी करीब 225 किलोमीटर है। 



8. चुनियांन एयरबेस
यह पाकिस्तान एयरफोर्स का एक प्रमुख ऑपरेशनल एयरबेस है। यह एयरबेस पंजाब प्रांत के चुनियांन शहर के पास स्थित है, जो लाहौर से लगभग 70 किलोमीटर दक्षिण की ओर है। यह एयरबेस पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस एयरबेस स्टेशन पर जेफ-17 थंडर, मिराज, एफ-7 जैसे विमान तैनात हैं। 



9. पसरूर
पाकिस्तान की रडार साइट है। भारत के जवाबी हमले में यहां के रडार सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया गया। इससे पाकिस्तान का एयरस्पेस बेकार हो गया। गुरुदासपुर से महज 75 किलोमीटर दूर स्थित इस रडार साइट को हुए नुकासन से पाकिस्तान का आपतकालीन विमान संचालन को तगड़ा झटका लगा। इसे खत्म करके, भारत ने पाकिस्तान के सामरिक लचीलेपन को कम कर दिया।



10. सरगोधा
मध्य पंजाब के सरगोधा शहर में स्थित इस एयरबेस को निशाना बनाना भारत का मास्टर स्ट्रोक रहा। यह पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण एयर बेस है। यहां कॉम्बैट कमांडर्स स्कूल, न्यूक्लियर डिलिवरी प्लेटफार्मों और विशिष्ट स्क्वाड्रन मौजूद हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 200 किमी अंतर स्थित इस एयरबेस को बेहद सुरक्षित माना जाता था। भारतीय मिसाइलों का यहां तक पहुंचना पाकिस्तान का मनोबल तोड़ने वाला रहा। 


 
11. जैकबाबाद
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जैकबाबाद शहर में यह आर्मी कैंट स्थिति है। इसका इस्तेमाल तीव्र सैन्य तैनाती के लिए किया जाता रहा है। राजस्थान के जैसलमेर से इस सैन्य ठिकाने की हवाई दूरी 250 किलोमीटर से ज्यादा है।   



 
12. भोलारी
पाकिस्तान के नए बने एयरबेस में भोलारी एयरबेस भी शामिल है। इस एयरबेस का इस्तेमाल पाकिस्तानी वायुसेना के साथ उनकी नौसेना भी करती है। इस एरबेस को पाकिस्तान की भविष्य की रणनीतिक महत्वकांक्षाओं को दर्शाता था। इस एयरबेस के नुकसान से पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा पर भी असर पड़ा।   



13. स्कर्दू
10 मई को सेना ने अपनी ब्रीफिंग में पीओके के गिलगित बाल्टिस्तान स्थित स्कर्दू एरबेस को निशाना बनाने की जानकारी दी। इस एयरबेस पर हुए जवाबी हमले ने पाकिस्तान के उत्तरी सीमा की निगरानी को बुरी तरह प्रभावित किया। यह एयरबेस श्रीनगर से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित था। नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कमांड एंड कंट्रोल और अन्य स्थानों को इतना भारी नुकसान हुआ कि पाकिस्तान की आक्रामक, रक्षात्मक को नुकसान पहुंचा। उसके हौसले भी पस्त हो गए।



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