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INS Sandhayak: औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल होगा 'संधायक', समारोह में शामिल होंगे रक्षामंत्री

Thu, 01 Feb 2024 07:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 01 Feb 2024 07:05 PM IST
सार

INS Sandhayak: भारतीय नौसेना के सबसे बड़े सर्वेक्षण पोत को शनिवार को औपचारिक रूप से बल में शामिल किया जाएगा। इसे पिछले साल चार दिसंबर को नौसेना को सौंपा गया था। 

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Indian Navy to induct survey vessel Sandhayak in Vizag on Saturday
आईएनएस संधायक - फोटो : एक्स/ऑल इंडिया रेडियो

विस्तार

भारतीय नौसेना के नए पोत 'आईएनएस संधायक' का तीन फरवरी को जलावतरण समारोह होगा। इसके लिए विशाखापत्तनम में पूरी तैयारी की गई है। नौसेना ने सर्वेक्षण पोत को तिरंगे धव्ज, फूल-मालाओं से सजाया हुआ है। यह पोत रणनीतिक जलमार्ग में नौसेना के निगरानी तंत्र को मजबूत करेगा। समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और नौसेना के पूर्वी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमाडिंग-इन-चीफ राजेश पेंढारकर शामिल होंगे। इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। 

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नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह समारोह देश के सबसे बड़े सर्वेक्षण पोत को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल करने का प्रतीक होगा। उन्होंने बताया कि कोलकाता के मैसर्स गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में चार बड़े सर्वेक्षण पोत निर्माणाधीन हैं। यह उनमें पहला है। आईएनएस संधायक का बंदरगाह और समुद्र दोनों में परीक्षण किया गया था। इसके बाद चार दिसंबर को इसे नौसेना को सौंप दिया गया था। 

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इस पोत की प्राथमिक भूमिका सुरक्षित समुद्री नेविगेशन होगी। यह बंदरगाहों, नौवहन चैनलों, तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्रों के पूर्ण पैमाने पर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करेगा। अपनी द्वितीयक भूमिका में पोत नौसैनिक अभियानों को करने में सक्षम होगा। आईएनएस संधायक अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से लैस है। जिसमें गहरे पानी के मल्टीबीम इको-साउंडर्स, पानी के नीचे चलने वाले वाहन, दूर से संचालित होने वाले वाहन, उपग्रह आधारित पॉजिशनिंग प्रणाली शामिल हैं। 

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आईएनएस संधायक इसी नाम के एक अन्य पोत का विकसित रूप है, जो एक एक सर्वेक्षण जहाज था। उस जहाज को 1981 में नौसेना में शामिल किया गया। साल 2021 में उसे सेवामुक्त कर दिया गया था। नया सर्वेक्षण जहाज दो डीजल इंजनों से संचालित है और 18 समुद्री मील से ज्यादा गति हासिल करने में सक्षम है। नौसेना ने एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की दिशा में देश की बढ़ती जहाज निर्माण क्षमता का सबूत है। इसमें कहा गया है कि संधायक विकसित भारत का अग्रदूत है। इस बीच, बल ने नौसेना के लोगों के कल्याण के लिए 2024 को नौसेना नागरिक वर्ष के रूप में घोषित किया है।
 

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