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Indian Navy: अरब सागर में नौसेना ने दिखाई ताकत, पैराशूट से कूदे मार्कोस कमांडो, समुद्री लुटेरों से बचाया जहाज
Sun, 17 Mar 2024 12:54 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 17 Mar 2024 12:54 PM IST
सार
माल्टा के व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को बीते साल दिसंबर में अदन की खाड़ी से समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया था। अब समुद्री लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल अन्य जहाजों को अगवा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।
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समुद्री लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन चलाते मार्कोस कमांडो
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर हिंद महासागर और अरब सागर में अपने दबदबे का नमूना पेश किया है। नौसेना ने समुद्री लुटेरों के खिलाफ अरब सागर में चल रहे ऑपरेशन में सफलता हासिल करते हुए व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ा लिया है और साथ ही 35 समुद्री लुटेरों को हिरासत में लिया है। इस ऑपरेशन के तहत नौसेना ने भारतीय तटों से 2600 किलोमीटर दूर समुद्री डाकुओं के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया। करीब 40 घंटे चले ऑपरेशन में नौसेना के आईएनएस कोलकाता और आईएनएस सुभद्रा युद्धपोत, ड्रोन्स और मरीन कमांडो शामिल हुए।
विमान से अरब सागर में कूदे मार्कोस कमांडो
नौसेना ने बताया कि ऑपरेशन के तहत वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से मार्कोस कमांडो को भारतीय तट से 2600 किलोमीटर दूर अरब सागर में एयरड्रॉप किया गया। साथ ही मार्कोस कमांडो के लिए कई विशेष नौकाएं भी अरब सागर में गिराई गईं। इन नौकाओं की मदद से भारतीय मार्कोस कमांडो अगवा किए गए व्यापारिक जहाज एमवी रुएन पर सवार हुए और वहां ऑपरेशन चलाकर समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। नौसेना का यह ऑपरेशन करीब 40 घंटे चला। इस दौरान समुद्री लुटेरों ने भी भारतीय जवानों पर कई बार फायरिंग की। नौसेना के अनुसार, इस अहम रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता पर 35 समुद्री लुटेरों को हिरासत में लिया गया और अब उन्हें भारतीय तट पर लाया जा रहा है। साथ ही व्यापारिक जहाज एमवी रुएन के 17 क्रू सदस्यों को भी सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें भी भारतीय तट पर लाया जा रहा है।
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विमान से अरब सागर में कूदे मार्कोस कमांडो
नौसेना ने बताया कि ऑपरेशन के तहत वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से मार्कोस कमांडो को भारतीय तट से 2600 किलोमीटर दूर अरब सागर में एयरड्रॉप किया गया। साथ ही मार्कोस कमांडो के लिए कई विशेष नौकाएं भी अरब सागर में गिराई गईं। इन नौकाओं की मदद से भारतीय मार्कोस कमांडो अगवा किए गए व्यापारिक जहाज एमवी रुएन पर सवार हुए और वहां ऑपरेशन चलाकर समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। नौसेना का यह ऑपरेशन करीब 40 घंटे चला। इस दौरान समुद्री लुटेरों ने भी भारतीय जवानों पर कई बार फायरिंग की। नौसेना के अनुसार, इस अहम रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता पर 35 समुद्री लुटेरों को हिरासत में लिया गया और अब उन्हें भारतीय तट पर लाया जा रहा है। साथ ही व्यापारिक जहाज एमवी रुएन के 17 क्रू सदस्यों को भी सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें भी भारतीय तट पर लाया जा रहा है।
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एमवी रुएन को भारतीय तट पर लाया जा रहा
हिरासत में लिए गए समुद्री लुटेरे
- फोटो : एक्स/भारतीय नौसेना
भारतीय नौसेना समुद्री लुटेरों के कब्जे से छुड़ाए गए जहाज एमवी रुएन को भी भारतीय तट पर लेकर आ रही है। इस जहाज पर भारी मात्रा में स्टील मौजूद है। नौसेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान समुद्री लुटेरों ने भी मरीन कमांडो पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई के बाद उन्होंने हथियार डाल दिए।
बीते साल दिसंबर में अगवा हुआ था एमवी रुएन
माल्टा के व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को बीते साल दिसंबर में अदन की खाड़ी से समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया था। अब समुद्री लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल अन्य जहाजों को अगवा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय नौसेना ने बीती 15 मार्च को एमवी रुएन जहाज को सोमालिया के पूर्वी तट पर इंटरसेप्ट किया। जिसके बाद नौसेना ने एमवी रुएन को समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाने के लिए ऑपरेशन चलाया।
INS Kolkata, a mission deployed in the Arabian Sea, through the sustained high tempo of operations has thwarted the designs of the Somali pirates to hijack ships transiting through the region by intercepting the pirate ship MV Ruen, on 16 March. The merchant vessel had been… pic.twitter.com/0rLpoNyjLZ
— ANI (@ANI) March 17, 2024
बीते साल दिसंबर में अगवा हुआ था एमवी रुएन
माल्टा के व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को बीते साल दिसंबर में अदन की खाड़ी से समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया था। अब समुद्री लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल अन्य जहाजों को अगवा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय नौसेना ने बीती 15 मार्च को एमवी रुएन जहाज को सोमालिया के पूर्वी तट पर इंटरसेप्ट किया। जिसके बाद नौसेना ने एमवी रुएन को समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाने के लिए ऑपरेशन चलाया।
भारतीय नौसेना एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रही
भारतीय नौसेना
- फोटो : एक्स/नौसेना
इस्राइल हमास युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट खासकर लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं अप्रत्याशित तरीके से बढ़ गई हैं। ये हमले फलस्तीन के समर्थन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हैं। वहीं इस बीच सोमालिया के समुद्री लुटेरे भी अरब सागर के इलाके में काफी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना ने भी अरब सागर और अदन की खाड़ी के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। इसके चलते हाल के दिनों में नौसेना ने कई व्यापारिक जहाजों को हमलों और अगवा होने से बचाया है। हाल ही में नौसेना ने बांग्लादेश के भी एक जहाज को समुद्री लुटेरों से बचाया था और अब सफल और खतरनाक ऑपरेशन चलाकर माल्टा के जहाज एमवी रुएन को बचाया है। इन ऑपरेशन के जरिए पूरी दुनिया में भारतीय नौसेना की साख बढ़ रही है और ऐसा माना जाता था कि भारतीय नौसेना का दबदबा हिंद महासागर तक ही सीमित है, लेकिन हाल के कई रेस्क्यू ऑपरेशन ने साफ कर दिया है कि हिंद महासागर के अलावा अरब सागर के क्षेत्र में भी भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है।