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Navy: सर्वेक्षण पोत 'इक्षक' अगले महीने नौसेना में होगा शामिल, आपात स्थिति में करेगा अस्पताल का काम
Mon, 27 Oct 2025 08:13 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 27 Oct 2025 08:13 PM IST
सार
भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित सर्वेक्षण पोत इक्षक छह नवंबर को नौसेना अड्डे पर नौसेना में शामिल किया जाएगा। सैन्य अधिकारी से सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
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सर्वेक्षण पोत 'इक्षक'
- फोटो : @PIB_India
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विस्तार
भारतीय नौसेना को एक नई ताकत मिलने जा रही है। भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित सर्वेक्षण पोत इक्षक छह नवंबर को नौसेना अड्डे पर नौसेना में शामिल किया जाएगा। सैन्य अधिकारी से सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
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पोत की यह कमीशनिंग देश की जल सर्वेक्षण उत्कृष्टता और स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अपनी श्रेणी के तीसरे पोत के तौर पर इक्षक का शामिल होना उन्नत, अत्याधुनिक प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए नौसेना की दृढ़ प्रतिबद्धता को दिखाने के साथ ही क्षमता वृद्धि और आत्मनिर्भरता की रफ्तार को आगे बढ़ाता है।
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80 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामानों से है बना
प्रवक्ता ने बताया कि सर्वेक्षण पोत इक्षक गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड, कोलकाता ने जहाज उत्पादन निदेशालय और युद्धपोत निरीक्षण दल (कोलकाता) की देखरेख में बनाया है। इसमें 80 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामान का इस्तेमाल किया गया। यह पोत जीआरएसई और भारतीय एमएसएमई के बीच सफल सहयोग का सुबूत है और आत्मनिर्भर भारत की भावना और ताकत को गर्व से उजागर करता है।
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आपात आपात स्थिति में अस्पताल का भी करेगा काम
हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण कार्यों की अपनी प्राथमिक भूमिका के अलावा इक्षक को दोहरी भूमिका के साथ डिजाइन किया गया है। यह आपात स्थिति के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्लेटफॉर्म के तौर पर एक अस्पताल जहाज के तौर पर काम करता है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इक्षक महिलाओं के लिए विशेष आवास वाला पहला एसवीएल पोत भी है। यह भविष्य के लिए तैयार बेड़े के लिए भारतीय नौसेना के समावेशी और प्रगतिशील दृष्टिकोण को दिखाता है। बयान में कहा गया है कि पोत का नाम इक्षक मतलब मार्गदर्शक अज्ञात का नक्शा बनाने, नाविकों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने और भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के उसके मिशन का सटीक प्रतीक है।