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Indian Navy: एडमिरल हरि कुमार बोले, नौसेना को युद्ध के लिए तैयार और भरोसेमंद बल बने रहना होगा

Thu, 03 Nov 2022 10:58 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 03 Nov 2022 10:58 PM IST
सार

नौसेना प्रमुख ने कहा कि अशांत सुरक्षा परिदृश्य से निपटने के लिए नौसेना का युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की मजबूती वाला बल बने रहना महत्वपूर्ण है। 

 

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Indian Navy must remain combat ready and credible force: Navy chief
एडमिरल हरि कुमार - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय नौसेना को अशांत सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर लड़ने के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए मजबूर बने रहना चाहिए। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता के बीच शीर्ष नौसैनिक कमांडरों को एक संबोधन में ये बात कही। समुद्री क्षेत्र में भारत के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों का जिक्र करते हुए एडमिरल हरि कुमार ने जटिल सुरक्षा परिदृश्य, आतंकवाद, गैर-देशों के हमलावरों के उदय के बढ़ते प्रभाव के बारे में बात करते हुए कहा कि ये रणनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं।  

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युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय और एकजुट रहना होगा
इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों को सामूहिक रूप से पूरा करने के लिए परिचालन तैयारियों, आत्मनिर्भरता और सशस्त्र बलों में आगे एकीकरण की आवश्यकता को दोहराया। नौसेना प्रमुख ने कहा कि सम्मेलन ने नौसेना कमांडरों को महत्वपूर्ण समुद्री मामलों पर आत्मनिरीक्षण करने का अवसर प्रदान किया है। नौसेनाध्यक्ष ने त्रि-सेवा एकीकरण पर भी जोर दिया। नौसेना प्रमुख ने कहा कि अशांत सुरक्षा परिदृश्य से निपटने के लिए नौसेना का युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की मजबूती वाला बल बने रहना महत्वपूर्ण है। 
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आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियां मिलेंगी 
एडमिरल कुमार ने कहा कि आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी और इस तरह के अन्य खतरे सामने आते रहेंगे। मैं आश्वस्त हूं कि इस क्षेत्र में पुरुष या महिला को रखने से स्वचालित रूप से बढ़ी हुई चपलता, अनुकूलन क्षमता और नौसेना में शामिल होने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।  
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उन्होंने कहा, आइए हम उन बदलावों को लाने के अपने प्रयासों को जारी रखें जिनकी हमें आवश्यकता है। नौसेना प्रमुख ने बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता पर भी बात की और सामग्री और रसद योजना के साथ-साथ उपयुक्त मानव संसाधन विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। सम्मेलन में भारतीय नौसेना के सभी ऑपरेशनल और एरिया कमांडरों ने भाग लिया।


वायुसेना प्रमुख ने कही यह बात
इस बीच एक अन्य कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने विमान और प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान (एएसटीई) से भारतीय एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र में अभूतपूर्व वृद्धि का फायदा उठाने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एएसटीई ने युद्धक उपकरणों और कर्मियों के संबंध में डिजाइन, विकास, परीक्षण, मूल्यांकन, संचालन और प्रशिक्षण के पूरे आयाम में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य किया है। अब उद्योग, प्रमाणित (उड़ान परीक्षण) समुदाय और अंतिम उपयोगकर्ताओं के साथ समेकित रूप से एकीकृत करने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का समय है।

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