Indian Navy: विध्वंसक जहाज इम्फाल नौसेना के बेड़े में शामिल, पनडुब्बी रोधी हथियार, रॉकेट लॉन्चर से बढ़ेगी ताकत
भारतीय नौसेना को विध्वंसक जहाज इम्फाल की सौगात मिली है। शिपयार्ड मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इसे विकसित किया है। बेड़े में शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी।
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विस्तार
कितना लंबा युद्धपोत, समुद्र में उतरने पर पानी का हाल
नौसेना ने एक बयान में कहा, जहाज का निर्माण स्वदेशी स्टील DMR 249A का उपयोग करके किया गया है। इसे भारत में निर्मित सबसे बड़े विध्वंसक जहाजों में से एक बताया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 164 मीटर है। इम्फाल का डिस्प्लेसमेंट 7500 टन से अधिक है। यानी समुद्र में जहाज परिचालन के दौरान इतनी मात्रा में पानी का विस्थापन होगा।
मिसाइलों से लैस इम्फाल बेहद विध्वंसक
इम्फाल पोत की क्षमता के बारे में नौसेना ने बताया कि यह सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक 'ब्रह्मोस' मिसाइलों और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली 'बराक-8' मिसाइलों से लैस है। समुद्र के भीतर युद्ध क्षमता के लिए विध्वंसक जहाज में कई और भी सुविधाओं को जोड़ा गया है।
इम्फाल कैसे मारक हथियारों से लैस हैDefence Ministry shipyard Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) has delivered the third stealth destroyer ‘Imphal’ of Project 15B Class Guided Missile Destroyer to the Indian Navy.
The ship is constructed using Indigenous Steel DMR 249A and is amongst the largest Destroyers… pic.twitter.com/IxeZRyJBxf — ANI (@ANI) October 20, 2023
भारतीय नौसेना ने बताया कि इम्फाल स्वदेशी रूप से विकसित पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित है। इनमें प्रमुख रूप से हल-माउंटेड सोनार हम्सा एनजी, भारी वजन वाले टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर और एएसडब्ल्यू रॉकेट लॉन्चर भी शामिल हैं।
तय समय से पहले हुई डिलिवरी, महिला अधिकारियों को पहली बार आवास
इम्फाल की आपूर्ति के बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एमडीएल ने अनुबंध में तय समय से 4 महीने पहले डिलिवरी की है। नौसेना के बेड़े में शामिल 'इम्फाल' महिला कर्मचारियों के लिए पहला आवासीय युद्धपोत है। एमडीएल ने एक बयान में कहा, इम्फाल महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए आवास वाला पहला नौसैनिक युद्धपोत है।
क्या हैं इम्फाल की विशेषताएं
'स्वीकृति दस्तावेज़' पर एमडीएल के अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक संजीव सिंघल और रियर एडमिरल संजय साधु ने हस्ताक्षर किए। एमडीएल ने कहा, इम्फाल जहाज एक शक्तिशाली मंच है जो समुद्री युद्ध के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करते हुए अलग-अलग कार्यों और मिशनों को पूरा करने में सक्षम है। एमडीएल ने पोत की खासियत के बारे में कहा, "दुश्मन की पनडुब्बियों, सतही युद्धपोतों, जहाज-रोधी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के खिलाफ इंफाल की क्षमता चौतरफा है।
अब तक का सबसे योग्य लड़ाकू प्लेटफॉर्म
इम्फाल को सहायक जहाजों के बिना स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा सकता है। नौसेना टास्क फोर्स के प्रमुख के रूप में भी इम्फाल शानदार काम कर सकेगा। एमडीएल के अनुसार, इम्फाल को अब तक के सबसे योग्य लड़ाकू प्लेटफॉर्म कहा जा सकता है।
ट्रायल में समुद्री परीक्षण पूरे, हमले की दोहरी भूमिका
इस जहाज ने तीन सीएसटी (Contractor's Sea Trial) के दौरान सभी समुद्री परीक्षण पूरे कर लिए हैं। इसमें पहले सीएसटी में महत्वपूर्ण हथियारों की फायरिंग भी शामिल है। नौसेना के अनुसार, इंफाल सभी P15B जहाजों में से पहला है जिसमें लंबी दूरी और जमीन पर हमले की दोहरी भूमिका क्षमता वाली उन्नत ब्रह्मोस मिसाइलें लगाई जानी हैं।
पहुंच बढ़ाने के लिए हेलीकॉप्टरों की तैनाती
एमडीएल ने बताया कि इम्फाल जहाज 312 लोगों के चालक दल को समायोजित कर सकता है। 4000 समुद्री मील की क्षमता वाला ये युद्धपोत 42 दिनों के सामान्य मिशन को निर्बाध तरीके से अंजाम दे सकता है। जहाज का एक्सेस बढ़ाने के लिए इसे दो हेलीकॉप्टरों से भी सुसज्जित किया गया है।
कितनी है समुद्री जहाज की अधिकतम गति
संचालन के बारे में एमडीएल ने बताया कि जहाज शक्तिशाली संयुक्त गैस और गैस प्रणोदन संयंत्र (सीओजीएजी) से संचालित होता है। इसमें चार प्रतिवर्ती गैस टर्बाइन शामिल हैं। इनकी मदद से इंफाल 30 समुद्री मील (लगभग 55 किलोमीटर प्रति घंटे) से अधिक की गति से यात्रा कर सकता है।
जहाज पर कौन सी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल
परिष्कृत डिजिटल नेटवर्क के साथ उच्च स्तरीय स्वचालन का दावा करने वाले इम्फाल में कई ऐसे सिस्टम लगे हैं, जो इसे बाकी पोतों की तुलना में खास बनाते हैं। युद्धपोत के निर्माण में पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। एक नजर पांच बड़े आकर्षण पर-
- गीगाबाइट ईथरनेट आधारित शिप डेटा नेटवर्क (जीईएसडीएन)
- कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस)
- ऑटोमैटिक पावर मैनेजमेंट सिस्टम (एपीएमएस)
- इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीएमएस)
- इस्तेमाल किए गए P15B श्रेणी के विध्वंसकों में स्वदेशी सामग्री 72 प्रतिशत
इम्फाल जहाज को विकसित करने में शामिल लोगों के अनुसार, पोत में जिस तरह स्वदेशी उपकरणों पर जोर दिया गया है। इससे महत्वाकांक्षी योजना- 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर दिए जाने की पुष्टि भी होती है। एमडीएल के मुताबिक P15B (विशाखापत्तनम) का पहला जहाज 21 नवंबर, 2021 को चालू किया गया था। दूसरा जहाज मोर्मुगाओ 18 दिसंबर, 2022 को जबकि चौथा जहाज (सूरत) 17 मई, 2022 को लॉन्च किया गया था। फिलहाल ये पोत आउटफिटिंग के उन्नत चरण में है।