फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Navy issues EOI for building six submarines worth Rs 45000 crore Know All Updates

चीन-पाक को समुद्र में पछाड़ेगा भारत, 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियां बढ़ाएंगी नौसेना की मारक क्षमता

Fri, 21 Jun 2019 07:24 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 21 Jun 2019 07:24 PM IST
विज्ञापन
Indian Navy issues EOI for building six submarines worth Rs 45000 crore Know All Updates
भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

हिंद महासागर में चीन की ओर से लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना जल्द अपनी क्षमता को बढ़ाने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों को बनाने के लिए भारतीय रणनीतिक साझेदारों को प्रस्ताव के लिये आग्रह (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट) जारी किया है। ये पनडुब्बियां रडार की पकड़ में नहीं आने वाली प्रौद्योगिकी से लैस होंगी।

विज्ञापन


मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत जारी इस कांट्रैक्ट की लागत लगभग 45 हजार करोड़ रुपये है। जिसमें छह पनडुब्बियों का निर्माण भारत में ही टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर के तहत किया जाएगा।
विज्ञापन


हालांकि, नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75 को शुरू हुए तीन साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। साल 2017 में छह अत्याधुनिक पनडुब्बी निर्माण करने की महत्वकांक्षी परियोजना के लिए चार विदेशी कंपनियां मुख्य रूप से सामने आई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस समय फ्रांस की कंपनी नावन ग्रुप, रूस की रोसोबोरोनएक्सपोटर्स रुबिन डिजाइन ब्यूरो, जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और स्वीडन की साब ग्रुप ने इस परियोजना में भाग लेने के लिए रुचि दिखाई थी।

इस बार भी इन्हीं कंपनियों को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है जिसमें से किसी एक को यह टेंडर दिया जा सकता है। हालांकि इनकों पनडुब्बी का निर्माण भारत में ही करना होगा। इस परियोजना का उद्देश्य विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर देश में पनडुब्बी और लड़ाकू विमान बनाने जैसे सैन्य प्लेटफार्म को तैयार करना है।

यह होगी खासियत

Indian Navy issues EOI for building six submarines worth Rs 45000 crore Know All Updates
भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा। ये टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल से हमला करने में सक्षम होंगी। युद्ध की स्थिति में ये पनडुब्बियां हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती हैं। 

इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएंगी। इसके अलावा इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है। इन पनडुब्बियों का इस्तेमाल हर तरह के वॉरफेयर, ऐंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस के काम में भी किया जा सकता है।

भारत के प्रोजेक्ट 75 प्रोग्राम में कई दूसरे प्रोजक्ट भी शामिल हैं। जिसमें स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मॉडल के तहत 111 नेवल यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स (NUH) की खरीद भी की जानी है। इसे भी भारत में मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनाया जाएगा जिसमें ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी भी शामिल है।

भारत की यह कंपनियां है दावेदार

Indian Navy issues EOI for building six submarines worth Rs 45000 crore Know All Updates
भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
पी-75 (आई) प्रोग्राम में भारत की तरफ से लार्सन एण्ड टुब्रो, रिलायंस डिफेंस के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की मझगांव डॉक लिमिटेड को भी दावेदार माना जा रहा है जिससे मिलकर विदेशी कंपनियां भारत में पनडुब्बियों का निर्माण करेंगी।

इसे भारत में डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए दूसरी उत्पादन लाइन खोलने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। प्रोजेक्ट-75 के तहत पहले से ही मुम्बई के मझगांव डॉक पर फ्रांसीसी डिजाइन वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। स्कॉर्पियन क्लास की छह पनडुब्बियों में से भारत को तीन पनडुब्बी आईएनएस कलवारी, खांडेरी, करंज और वेला पहले ही मिल चुकी हैं। जबकि जिन दो पनडुब्बियों का निर्माण होना बाकी है उनका नाम वागीर और वागशीर है। 

आईएनएस खंडेरी को शामिल करने से इनकार

भारतीय नौसेना ने समुद्र में स्कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को शामिल करने से इनकार कर दिया है। नौसेना को समुद्र में यूजर ट्रायल के दौरान इस पनडुब्बी के इंजन से ज्यादा आवाज आने की शिकायत है। इस कारण इस श्रेणी के सभी पनडुब्बियों को कमीशन होने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed