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असम विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को बाजी जीत लेने का भरोसा
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:01 AM IST
सार
- कन्हैया कुमार और रोहित वेमुला का कांग्रेस कर रही इस्तेमाल
- राहुल के साथ जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की बातचीत को सकारात्मक बताया
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राहुल गांधी
- फोटो : Getty Images
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विस्तार
उत्तराखंड में राजनीतिक संकट का सामना कर रही कांग्रेस को उम्मीद है कि समाज में मेल कराने वाली होली जैसे त्यौहार के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा। पार्टी महासचिव के प्रमुख रणनीतिकारों का कहना है कि होली के बाद 28 मार्च को जब सदन में बहुमत साबित होने की बारी आएगी तो कांग्रेस उसमें सफल रहेगी। वहीं कांग्रेस को 126 सदस्यीय असम विधानसभा चुनाव में भी पूर्ण बहुमत मिल जाने की संभावना है।
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असम में चुनाव को धार देने और पश्चिम बंगाल में भी संदेश देने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार 22 मार्च को जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार से अपने आवास पर भेंट की। इस दौरान कन्हैया और राहुल के बीच कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
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इसका असम विधानसभा चुनाव पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। कांग्रेस पहले से ही असम में कन्हैया कुमार और हैदराबाद विश्वविद्यालय में जनवरी में खुदकुशी करने वाले छात्र रोहित वेमुला को लेकर जनता के बीच में है।
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गुवाहाटी समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में पार्टी के पोस्टरों में कन्हैया और वेमुला का जमकर इस्तेमाल हुआ है। असम विधानसभा चुनाव को लेकर सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का कहना है कि मतदान की तारीख करीब आने दीजिए, स्थिति अपने आप साफ हो जाएगी।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि भाजपा राज्य में वोटों के ध्रुवीकरण की भरसक कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य की जनता इसे समझ गई है। बदरुद्दीन अजमल के साथ राजनीतिक मंच साझा न होने को भी कांग्रेस उपलब्धि के तौर पर देख रही है। पार्टी का मानना है कि ऐसा होने पर वोटों के ध्रुवीकरण का खतरा बढ़ जाता।