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यूरोपीय देश क्रोएशिया में फलफूल रही है भारतीय संस्कृति
Tue, 01 Nov 2016 04:28 AM IST
सारंग उपाध्याय
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर
Published by: सारंग उपाध्याय
Updated Tue, 01 Nov 2016 04:28 AM IST
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- फोटो : Instagram
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क्रोएशिया और भारत के बीच आर्थिक संसाधन विकसित होने से दोनों देश तकनीकी तथा अन्य क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेंगे यह कहना है क्रोएशिया में भारत के राजदूत संदीप कुमार का। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच कोच एवं प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान होने की संभावना व्यक्त की।
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नजीबाबाद के पूर्व चेयरमैन नरेश अग्रवाल के पुत्र संदीप कुमार क्रोशिया में भारत के राजदूत हैं। संदीप कुमार ने कहा कि क्रोएशिया में भारतीय संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। क्रोएशियावासी हिंदू धर्म और संस्कृति के प्रति आस्थावान हैं। आयुर्वेद, योग और आर्ट ऑफ लिविंग के अनुयायी क्रोशियावासियों में भारतीय संस्कृति में रचने-बसने की ललक है। हाल ही में उन्होंने भारतीय संस्कृति और धर्म से जुड़ते हुए विशाल जगन्नाथ यात्रा निकाली। क्रोएशिया की जैग्रिब यूनिवर्सिटी पिछले पांच दशक से हिंदी संस्कृति प्रोत्साहन के लिए समर्पित है। वर्ष 2010 में हिंदी चेयर का गठन किया गया है। वर्ष 1985 से विदेश सेवा से जुड़े संदीप कुमार अफगानिस्तान, साउथ अफ्रीका, पेरिस, वियतनाम में डिप्टी एंबेसडर रह चुके हैं।
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राजदूत संदीप कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया को विदेशों से जोड़कर प्रभावी बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। अब भारत के विभिन्न प्रदेशों में भी विदेशी तकनीक और उद्योगों का लाभ दिलाने के लिए प्रदेशों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने गोवा और उत्तर प्रदेश में पहल किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्रोएशिया फुटबॉल और पोलो में काफी विकसित है। वहां के प्रशिक्षकों को भारत में लाकर दोनों खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की भी योजना है।
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