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V-BAT Drones: भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक ड्रोन, अमेरिकी कंपनी से हुआ समझौता; दुश्मन पर रखेगा पैनी नजर

Thu, 29 Jan 2026 06:08 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/मुंबई Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 29 Jan 2026 06:08 AM IST
सार

भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक वी-बैट ड्रोन, जो बिना रनवे के उड़ान भरकर 12 घंटे तक निगरानी कर सकेगा। शील्ड एआई के साथ हुए समझौते के तहत इसका निर्माण भारत में होगा।

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Indian Army to Induct Advanced V-BAT Drones with AI Tech, Manufacturing to Begin in India
ड्रोन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

सेना ने अमेरिकी रक्षा कंपनी शील्ड एआई के साथ वी-बैट मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) की खरीद के लिए समझौता किया है। इस यूएवी का उपयोग खुफिया जानकारी इकट्ठा करने, निगरानी और टोही मिशन में किया जाएगा। समझौते के मुताबिक यूएवी का निर्माण भारत में किया जाएगा।

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इस समझौते की जानकारी देते हुए कंपनी ने बताया कि यूएवी रनवे या किसी विशेष बुनियादी ढांचे के बगैर भी सीधे ऊपर जा सकता है और उतर सकता है। लगभग 12 घंटे तक हवा में रहने की क्षमता वाला वी-बैट तब भी काम कर सकता है जब संचार और जीपीएस सिग्नल बाधित हों। समझौते के मुताबिक, सेना को वी-बैट ड्रोन के साथ-साथ शील्ड एआई के हाइवमाइंड ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर का लाइसेंस भी दिया जाएगा, जिसे वी-बैट में जोड़ा जाएगा। इस एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से रक्षा प्रणालियां बिना मानवीय हस्तक्षेप के किसी वातावरण को समझने, निर्णय लेने और कार्रवाई करने में सक्षम होती हैं। हाइवमाइंड से वी-बैट बदलते हालात के अनुरूप ढल सकते हैं, खतरों से बच सकते हैं और जटिल सैन्य मिशन अंजाम दे सकते हैं।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
खास बात यह है कि वी-बैट ने रूस-यूक्रेन युद्ध में अपना लोहा मनवाया है। इस ड्रोन के इस्तेमाल से यूक्रेन की सेना ने रूस के सैकड़ों ठिकानों की पहचान की। भारत में शील्ड एआई के प्रबंध निदेशक सरजन शाह ने कहा कि रनवे-रहित संचालन क्षमता, लंबी अवधि तक निगरानी और कठिन इलाकों में प्रदर्शन जैसी विशेषताएं वी-बैट को हिमालय से लेकर समुद्री सीमाओं तक खुफिया, निगरानी और टोही मिशन के लिए उपयुक्त बनाती हैं। वी-बैट और हाइवमाइंड का चयन इसका प्रमाण है कि सेना ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में स्वायत्त प्रणालियों की जरूरत भली-भांति समझी है।

क्यों होगा उपयोगी?
वी-बैट ड्रोन लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बिना रनवे के तैनात होकर दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी और आतंकी ठिकानों की पहचान जैसे कार्यों में सेना की आंख और कान की तरह काम करेगा। इससे सटीक और समयबद्ध फैसले लिए जा सकते हैं।

अन्य वीडियो:-

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