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Indian Army: कठिन रास्तों पर बाइक दौड़ाकर जवानों ने गलवान घाटी के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, वीडियो वायरल
Sun, 24 Jul 2022 03:58 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 24 Jul 2022 03:58 PM IST
सार
जवानों की बाइक रैली को दो टीमों में बांटा गया था जिससे देश के ज्यादातर इलाकों को कवर किया जा सके। ये टीमें अलग-अलग दिशाओं से आगे बढ़ीं। इन्हें जोजिला दर्रा और रोहतांग दर्रा से होते हुए क्रमश: 14,00 किलोमीटर और 1700 किलोमीटर की दूरी को तय करना था।
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गलवान घाटी में भारतीय सेना के जवान
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के जवानों ने गलवान घाटी के शहीदों को अनोखे तरीके से श्रद्धांजलि दी। जवान पानी में डूबे पथरीले रास्तों पर अपनी-अपनी बाइक दौड़ाते हुए नुब्रा घाटी पहुंचे। कठिन रास्तों से जवानों की गुजरती हुई बाइकों का वीडियो भी सामने आया है।
जवानों ने कठिन पथरीले रास्तों पर दौड़ाई बाइक
फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने बताया कि जवान रविवार को लद्दाख के कठिन इलाकों से गुजरते हुए नुब्रा घाटी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पथरीले और पानी में डूबे रास्तों पर बाइक दौड़ाई।
15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई थी खूनी झड़प
बता दें कि जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच खूनी झड़प हुई थी। इस दौरान भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं दूसरी ओर चीन की सेना ने शुरुआत में अपने किसी सैनिक के मारे जाने से इनकार किया था। हालांकि बाद में उसने अपने चार जवानों के मारे जाने की पुष्टि की थी। दोनों देशों के बीच इसके चलते लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। दोनों सेनाओं के बीच 11 दौर की बातचीत के बाद हालात कुछ सामान्य हुए।
1999 कारगिल युद्ध में विजय की जीत का जश्न
वहीं सोमवार को भारतीय सेना नई दिल्ली से लद्दाख स्थित कारगिल वार मेमोरियल तक मोटरसाइकिल रैली निकाली। यह आयोजन 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के 23वें साल को मनाने के लिए किया गया।
नई दिल्ली के वार मेमोरियल से हरी झंडी दिखाई
लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.राजू, वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने तीस सदस्यीय रैली को नई दिल्ली के वार मेमोरियल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
दो टीमों में बांटी गई थी बाइक रैली
जवानों की बाइक रैली को दो टीमों में बांटा गया था जिससे देश के ज्यादातर इलाकों को कवर किया जा सके। ये टीमें अलग-अलग दिशाओं से आगे बढ़ीं। इन्हें जोजिला दर्रा अक्ष और रोहतांग दर्रा अक्ष से होते हुए क्रमश: 14,00 किलोमीटर और 1700 किलोमीटर की दूरी को तय करना था। रैली के दौरान टीमों ने मुख्य मार्ग के साथ ही दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने का प्रयास किया। साथ ही ऊंचे पहाड़ी दर्रों और कठिन पटरियों से होकर भी होकर गुजरीं।
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जवानों ने कठिन पथरीले रास्तों पर दौड़ाई बाइक
फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने बताया कि जवान रविवार को लद्दाख के कठिन इलाकों से गुजरते हुए नुब्रा घाटी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पथरीले और पानी में डूबे रास्तों पर बाइक दौड़ाई।
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#WATCH Indian Army’s Northern Command bike rally participants paid homage to the Galwan Valley bravehearts and reached Nubra Valley cruising through the tough terrain of Ladakh: Fire and Fury Corps, Indian Army pic.twitter.com/TY9lpgxwZH
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 24, 2022
15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई थी खूनी झड़प
बता दें कि जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच खूनी झड़प हुई थी। इस दौरान भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं दूसरी ओर चीन की सेना ने शुरुआत में अपने किसी सैनिक के मारे जाने से इनकार किया था। हालांकि बाद में उसने अपने चार जवानों के मारे जाने की पुष्टि की थी। दोनों देशों के बीच इसके चलते लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। दोनों सेनाओं के बीच 11 दौर की बातचीत के बाद हालात कुछ सामान्य हुए।
1999 कारगिल युद्ध में विजय की जीत का जश्न
वहीं सोमवार को भारतीय सेना नई दिल्ली से लद्दाख स्थित कारगिल वार मेमोरियल तक मोटरसाइकिल रैली निकाली। यह आयोजन 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के 23वें साल को मनाने के लिए किया गया।
नई दिल्ली के वार मेमोरियल से हरी झंडी दिखाई
लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.राजू, वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने तीस सदस्यीय रैली को नई दिल्ली के वार मेमोरियल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
दो टीमों में बांटी गई थी बाइक रैली
जवानों की बाइक रैली को दो टीमों में बांटा गया था जिससे देश के ज्यादातर इलाकों को कवर किया जा सके। ये टीमें अलग-अलग दिशाओं से आगे बढ़ीं। इन्हें जोजिला दर्रा अक्ष और रोहतांग दर्रा अक्ष से होते हुए क्रमश: 14,00 किलोमीटर और 1700 किलोमीटर की दूरी को तय करना था। रैली के दौरान टीमों ने मुख्य मार्ग के साथ ही दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने का प्रयास किया। साथ ही ऊंचे पहाड़ी दर्रों और कठिन पटरियों से होकर भी होकर गुजरीं।