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Army Chief: सेना प्रमुख ने पिता को किया सैल्यूट, भाई ने भी दी सलामी; आर्मी चीफ का यह अंदाज क्यों हो रहा वायरल?
Wed, 01 Jul 2026 11:41 AM IST
नितिन गौतम
एएनआई, अमर उजाला
एएनआई, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:41 AM IST
सार
बुधवार को सेना प्रमुख का पद औपचारिक रूप से संभालते ही नए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता को सैल्यूट किया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। एक पिता-पुत्र के इन पलों ने लोगों को भावुक कर दिया।
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पिता को सैल्यूट कर हाथ मिलाते जनरल धीरज सेठ
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारतीय सेना के प्रमुख के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर मिलने के बाद जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ को सैल्यूट किया और फिर उनके पैर छुए। सेना प्रमुख के रूप में एक बेटे का अपने पिता को सैल्यूट करना भावुक करने वाला पल रहा, जो सोश मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। जनरल धीरज सेठ द्वारा अपने पिता को सैल्यूट करने के बाद उनके छोटे भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ ने भी उन्हें सलामी दी। इस अनोखे पारिवारिक पल ने सम्मान समारोह को खास बना दिया।
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#WATCH | Delhi: Army Chief Gen Dhiraj Seth salutes his father Lt Gen KM Seth (retired) after receiving Guard of Honour as Chief of Army Staff.
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He was also saluted by his younger brother Rear Admiral Ravnish Seth. pic.twitter.com/BHgtME26OL — ANI (@ANI) July 1, 2026
थल सेना प्रमुख अपने परिवार के साथ
- फोटो : एएनआई
सेना प्रमुख ने बताया क्या होगी उनकी पहली प्राथमिकता?
भारतीय सेना के नए थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने सेना को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार बल बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को विजय नामक रणनीतिक अवधारणा में शामिल किया है। यह विजन रक्षा मंत्री द्वारा घोषित परिवर्तन के दशक की अवधारणा से प्रेरित है और आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की कार्ययोजना का आधार बनेगा।
बुधवार को रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में आयोजित समारोह में थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री द्वारा उन पर जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। सीमाओं पर पारंपरिक चुनौतियों के साथ-साथ साइबर, अंतरिक्ष, सूचना और तकनीक आधारित नए खतरे भी सामने आ रहे हैं।
ऐसे समय में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना, युद्ध के लिए तैयार और अनुभवी सैन्य बल है। ये युद्ध क्षेत्र की हर चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा तैयार और सक्षम है।
भारतीय सेना के नए थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने सेना को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार बल बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को विजय नामक रणनीतिक अवधारणा में शामिल किया है। यह विजन रक्षा मंत्री द्वारा घोषित परिवर्तन के दशक की अवधारणा से प्रेरित है और आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की कार्ययोजना का आधार बनेगा।
बुधवार को रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में आयोजित समारोह में थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री द्वारा उन पर जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। सीमाओं पर पारंपरिक चुनौतियों के साथ-साथ साइबर, अंतरिक्ष, सूचना और तकनीक आधारित नए खतरे भी सामने आ रहे हैं।
ऐसे समय में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना, युद्ध के लिए तैयार और अनुभवी सैन्य बल है। ये युद्ध क्षेत्र की हर चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा तैयार और सक्षम है।
आर्मी चीफ अपने परिवार के साथ
- फोटो : एएनआई
सैनिकों को बताया सेना की सबसे बड़ी शक्ति
जनरल सेठ ने सैनिकों को भारतीय सेना की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कल्याण, प्रशिक्षण, पेशेवर विकास और मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उनका मानना है कि आधुनिक उपकरणों और तकनीक के साथ-साथ सैनिकों का आत्मविश्वास और क्षमता ही सेना की वास्तविक ताकत है। नए थल सेनाध्यक्ष ने कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार विकसित करती रहेगी और देश की संप्रभुता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। उन्होंने कहा कि एक अग्निवीर से लेकर सबसे वरिष्ठ वेटरन तक सब योद्धा हैं ये योद्धा हमारी सेना की सबसे बड़ी ताकत हैं ।
जनरल सेठ ने सैनिकों को भारतीय सेना की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कल्याण, प्रशिक्षण, पेशेवर विकास और मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उनका मानना है कि आधुनिक उपकरणों और तकनीक के साथ-साथ सैनिकों का आत्मविश्वास और क्षमता ही सेना की वास्तविक ताकत है। नए थल सेनाध्यक्ष ने कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार विकसित करती रहेगी और देश की संप्रभुता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। उन्होंने कहा कि एक अग्निवीर से लेकर सबसे वरिष्ठ वेटरन तक सब योद्धा हैं ये योद्धा हमारी सेना की सबसे बड़ी ताकत हैं ।
आर्मी चीफ परिवार के साथ
- फोटो : एएनआई
जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बाद नए सेनाध्यक्ष बने
जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को मंगलवार को देश के 31वें सेना प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली। जनरल सेठ ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है, जो 40 साल की सेवा के बाद रिटायर हो गए हैं। जनरल धीरज सेठ को सेना प्रमुख बनने से पहले अप्रैल 2026 में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया गया था। जनरल सेठ दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
जनरल सेठ नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला के छात्र रहे हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। जनरल धीरज सेठ को परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसए) मिल चुके हैं।
जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को मंगलवार को देश के 31वें सेना प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली। जनरल सेठ ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है, जो 40 साल की सेवा के बाद रिटायर हो गए हैं। जनरल धीरज सेठ को सेना प्रमुख बनने से पहले अप्रैल 2026 में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया गया था। जनरल सेठ दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
जनरल सेठ नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला के छात्र रहे हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। जनरल धीरज सेठ को परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसए) मिल चुके हैं।