भारतीय सेना-एचएमआई: संयुक्त पर्वतारोहण दल माउंट चोमो युम्मो के लिए रवाना, 6829 मीटर की ऊंचाई पर विजय का लक्ष्य
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि माउंट चोमो युम्मो, 6829 मीटर की ऊंचाई के साथ, उत्तरी सिक्किम में एक ऊंची चोटी है। इसे 'देवी' के रूप में माना जाता है।
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भारतीय सेना और दार्जिलिंग स्थित हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान के एक सुयंक्त दल को मंगलवार को माउंट चोमो यम्मो के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उत्साह और जज्बे से भरे युवाओं की टोली ने हाथों में झंडों को लहराते हुए प्रस्थान किया। यह भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और अदम्य भावना को प्रदर्शित करता है। जय घोषों के बीच मंगलवार को इस अभियान को त्रिशक्ति कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने एक औपचारिक कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाई। यह टीम उत्तरी सिक्किम में ग्रेट हिमालयन रेंज पर 6829 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट चोमो योम्मो की ऊंची चोटी पर विजय प्राप्त करेंगे।
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि माउंट चोमो युम्मो, 6829 मीटर की ऊंचाई के साथ, उत्तरी सिक्किम में एक ऊंची चोटी है। इसे 'देवी' के रूप में माना जाता है। यह चोटी दुनिया भर के पर्वतारोहियों का ध्यान आकर्षित करती है। रावत ने बताया कि भारतीय सेना और एचएमआई, दार्जिलिंग के संयोजन में विभिन्न चुनौतियों के बीच सितंबर में इस अभियान को पूरा करने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण यात्रा में शारीरिक सहनशक्ति, रणनीतिक सोच और सौहार्द की आवश्यकता होती है। उनकी यात्रा न केवल उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन होगी बल्कि सबसे कठिन इलाके में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए भारतीय सेना की दृढ़ प्रतिबद्धता का भी प्रतिनिधित्व करेगी। इस चुनौतीपूर्ण प्रयास की योजना और क्रियान्वयन त्रिशक्ति कोर के अधिकारियों और सैनिकों द्वारा किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता को बनाए रखने और उत्कृष्टता के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित करने के भारतीय सेना के संकल्प को दर्शाता है।