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India-China: 28-29 अक्तूबर तक LAC से पीछे हटेंगी दोनों देशों की सेनाएं, गलवां संघर्ष के बाद से बिगड़े थे हालात
Fri, 25 Oct 2024 04:00 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 25 Oct 2024 04:00 PM IST
सार
भारतीय सेना और चीनी सेना इस महीने की 28-29 अक्तूबर तक पूरी तरह से पीछे हट जाएंगी। बता दें कि गलवां में संघर्ष के बाद से हालात बिगड़े थे। मामले में रक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में डेमचोक और देपसांग मैदानों में दो टकराव बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है।
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28-29 अक्तूबर तक LAC से पीछे हटेंगी दोनों देशों की सेनाएं
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना और चीनी सेना इस महीने की 28-29 अक्तूबर तक पूरी तरह से पीछे हट जाएंगी। चीन के साथ समझौते पर सेना के सूत्रों ने बताया कि पहले कूटनीतिक स्तर पर समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनी, फिर सैन्य स्तर पर बातचीत हुई। बता दें कि गलवां में संघर्ष के बाद से हालात बिगड़े थे। मामले में रक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में डेमचोक और देपसांग मैदानों में दो टकराव बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों के अनुसार, भारतीय सैनिकों ने संबंधित क्षेत्रों में पीछे के स्थानों पर अपने सामानों को वापस लाना शुरू कर दिया है।
21 अक्तूबर को भारत और चीन में समझौता
इससे पहले 21 अक्तूबर को, भारत ने घोषणा की कि उसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त करने के लिए चीन के साथ समझौता किया है, जिससे चार साल से अधिक समय से चल रहा सैन्य गतिरोध समाप्त हो गया है।
एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी थी जानकारी
वहीं 24 अक्तूबर को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देश समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर "जमीनी स्थिति" को बहाल करने के लिए आम सहमति पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और चराई की बहाली शामिल है। राजनाथ सिंह ने संबंधों में प्रगति का श्रेय निरंतर बातचीत में संलग्न होने की शक्ति को दिया क्योंकि, जल्द या बाद में, समाधान सामने आएंगे।
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'LAC पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए बनी सहमति'
उन्होंने दूसरे चाणक्य रक्षा वार्ता में मुख्य भाषण देते हुए कहा, भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ कुछ क्षेत्रों में अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए व्यापक सहमति बन गई है।
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21 अक्तूबर को भारत और चीन में समझौता
इससे पहले 21 अक्तूबर को, भारत ने घोषणा की कि उसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त करने के लिए चीन के साथ समझौता किया है, जिससे चार साल से अधिक समय से चल रहा सैन्य गतिरोध समाप्त हो गया है।
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एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी थी जानकारी
वहीं 24 अक्तूबर को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देश समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर "जमीनी स्थिति" को बहाल करने के लिए आम सहमति पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और चराई की बहाली शामिल है। राजनाथ सिंह ने संबंधों में प्रगति का श्रेय निरंतर बातचीत में संलग्न होने की शक्ति को दिया क्योंकि, जल्द या बाद में, समाधान सामने आएंगे।
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'LAC पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए बनी सहमति'
उन्होंने दूसरे चाणक्य रक्षा वार्ता में मुख्य भाषण देते हुए कहा, भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ कुछ क्षेत्रों में अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए व्यापक सहमति बन गई है।