डोभाल और वांग यी के बीच वीडियो कॉल पर हुई बात, इसके बाद पीछे हटा ड्रैगन
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने रविवार को वीडियो कॉल पर चीनी विदेश मंत्री और राज्य के काउंसलर वांग यी के साथ बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि बातचीत सौहार्दपूर्ण और दूरंदेशी तरीके से हुई। एनएसए डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत का केंद्र स्थिरता और शांति की पूर्ण और स्थायी बहाली और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एक साथ काम करने पर था। बातचीत के बाद आज चीनी सेना कुछ किलोमीटर पीछे हट गई है। यह पिछले 48 घंटों में हुई गहन कूटनीतिक, सैन्य बातचीत और संपर्कों का भी परिणाम है।
The focus of the conversation between NSA Ajit Doval & Chinese FM Wang Yi was the full and enduring restoration of peace and tranquillity and to work together to avoid such incidents in future: Sources https://t.co/pPhvCqGEwh
— ANI (@ANI) July 6, 2020विज्ञापन
इससे पहले रविवार को खबर आई थी कि सीमा पर आठ हफ्तों से जारी गतिरोध के बीच नई दिल्ली सीमा वार्ता पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र को सक्रिय करने पर विचार कर रहा है। इसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अपने चीनी समकक्ष चीन के स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत करेंगे। जिसका एकमात्र उद्देश्य स्थिति को सामान्य करना होगा।
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वहीं चीन के पूर्वी लद्दाख में कुछ प्वाइंट पर पीछे हटने के संकेत पांच दिन पहले हुई कॉर्प्स-कमांडर स्तर की वार्ता में मिल गए थे। जब दोनों देशों की सेनाएं चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने के लिए तैयार हुई थीं। इसके तहत, दोनों पक्षों को मैनपावर और संरचनाओं को वापस लेना था और पांच जुलाई को इसका एक सत्यापन किया जाना था। सूत्रों ने कहा, 'सेना की टीमें कुछ प्वाइंट्स पर सत्यापन करने के लिए गईं, जहां सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है।'
चीनी सेना के पीछे हटने का एक कारण गलवां नदी के बढ़ते जलस्तर को भी माना जा रहा है। बर्फ से ढकी गलवां नदी जो अक्साई चीन क्षेत्र से निकलती है उसका जल स्तर तापमान में बढ़ोतरी के कारण बढ़ रहा है। एक वरिष्ठ सेनाधिकारी ने कहा था, ‘तीव्र गति से बर्फ पिघलने की वजह से नदी तट पर कोई भी स्थिति खतरनाक हो सकती है। इसके कारण चीनी टेंट बाढ़ में डूब सकते हैं।’