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वायुसेना ने परखा स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम आकाश, रूस की इगला मिसाइल भी आजमाई
Thu, 03 Dec 2020 01:10 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 03 Dec 2020 01:10 AM IST
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मिसाइलों का परीक्षण करते भारतीय जवान
- फोटो : ani
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भारतीय वायुसेना ने चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच स्वदेश में विकसित एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम आकाश और कंधे पर रखकर छोड़ी जाने वाली रूस निर्मित इगला मिसाइल का परीक्षण किया। वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षण नियमित अभ्यास के तहत आंध्र प्रदेश में सूर्यलंका एयरफोर्स स्टेशन पर मंगलवार को किया गया।
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सतह से हवा में मार करने वाले इन एयर गाइडेड हथियारों की फायरिंग के अभ्यास के गवाह वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा भी रहे। अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल लांच करने की यह एक्सरसाइज 23 नवंबर से 2 दिसंबर तक चल रहे नियमित अभ्यास का हिस्सा थी। इसका मकसद वायुसेना कर्मियों को असली युद्ध जैसी परिस्थितियों जैसा अभ्यास कराना है। एक अधिकारी ने कहा, जब देश लगातार कोविड-19 महामारी की अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रहा है, तो भारतीय वायुसेना मौजूदा सुरक्षा हालात पर नजर बनाए रखने के साथ ही लगातार अपनी परिचालन क्षमता परख रही है। वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए एयर मार्शल अरोड़ा ने अभ्यास में भाग ले रही युद्धक स्क्वाड्रनों के पेशेवर रुख की प्रशंसा की। उन्होंने जवानों से अभ्यास में सीखी बातों को किसी भी सामने आने वाले हालात में उपयोग करने के लिए तैयार रहने को कहा।
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लद्दाख में तैनात हैं आकाश सिस्टम और इगला
भारत ने चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे गतिरोध के बीच दुश्मन के जंगी जहाजों व हेलिकॉप्टरों को दूर रखने के लिए आकाश सिस्टम तैनात किया है। साथ ही इगला मिसाइल सिस्टम भी वहां तैनात किया गया है।
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डीआरडीओ ने विकसित किया है आकाश
परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखने वाले आकाश मिसाइल सिस्टम को भारतीय रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने डिजइन किया है। इसकी हर एक मिसाइल 30 किलोमीटर के दायरे में 19 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य को भेद सकती है। करीब 4 हजार किमी/घंटा की सुपरसोनिक गति वाली आकाश मिसाइल का वजन 720 किलोग्राम और लंबाई 5.8 मीटर है। यह 60 किलोग्राम विस्फोटक ले जा सकती है। इसे स्वदेश निर्मित राजेंद्र रडार से लैस किया गया है। एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम में चार लांचर, एक राजेंद्र रडार होते हैं और हर लांचर पर तीन आकाश मिसाइल तैनात की जाती हैं। एक लांचर एक समय में 16 लक्ष्य को ट्रैक कर सकता है यानी 64 लक्ष्यों पर हर समय नजर रहती है और राजेंद्र रडार के एक इशारे पर एक साथ 12 आकाश मिसाइल अलग-अलग लक्ष्य भेदने निकल जाती हैं।