फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   indian air force history in glorious britishers given name was royal

कभी तीन विमानों से हुई थी शुरूआत, आज है दुनिया की चौथी ताकतवर एयरफोर्स, जानिए खास बातें

Sun, 08 Oct 2017 03:23 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा Updated Sun, 08 Oct 2017 03:23 PM IST
विज्ञापन
indian air force history in glorious britishers given name was royal
air force - फोटो : air force
भारतीय वायुसेना रविवार को 85 वां एयरफोर्स डे मना रही है। बताते हैं कि वायुसेना की शुरुआत कभी सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। आज वायुसेना में करीब डेढ़ लाख से अधिक जवान हैं। वैसे भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना है। पाकिस्तान और चीन से लोहा ले चुकी सेना अब इतनी मजबूत हो चुकी है कि पिछले दिनों एयफोर्स चीफ बीए धनोवा ने संदेश दिया था कि हम इतने ताकतवर हैं कि दोनों मोर्चों पर एक साथ लोहा ले सकते हैं। उनका इशारा चीन और पाकिस्तान की ओर था। 
विज्ञापन


एक समय वो भी था जब भारत के पास रात में उड़ने वाले एयरक्राफ्ट्स नहीं थे। ये बात है वर्ष 1971 की, भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध चल रहा था ,उस समय वायुसेना के पास रात में फ्लाई करने वाले एयरक्राफ्ट्स नहीं थे।
विज्ञापन


वैसे भारतीय वायुसेना का जन्म 8 अक्टूबर 1932 को ऑक्जलरी फोर्स यानि अतिरिक्त सेना के रूप में किया गया था। लेकिन आज उस सेना के बेड़े में दुनिया का सबसे बड़ा हरक्यूलिस विमान भी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



पढ़ें: वायुसेना दिवस: दुश्मनों से देश को महफूज रखने वाले ये हैं एयरफोर्स के लड़ाकू विमान

सेकेंड वर्ल्ड वॉर में 'रॉयल' शब्‍द जोड़ा गया था

indian air force history in glorious britishers given name was royal
सेकेंड वर्ल्ड वॉर में वायुसेना के योगदान की वजह से इसके साथ 'रॉयल' शब्‍द जोड़ा गया था। देश की आजादी और गणतंत्र होने के बाद वर्ष 1950 में इसे रॉयल एयरफोर्स की जगह इसका नाम भारतीय वायुसेना के रूप में पहचान दी गई।भारत के पहले एयरफोर्स प्रमुख  सुब्रतो मुखर्जी थे। 

लेकिन भारतीय वायुसेना का निर्माण स्कीन कमेटी की सिफारिश के बाद किया गया था। उस समय हमारे दल में वापिटि विमान, क्रानवेल प्रशिक्षित कुछ उड़ाके और वायुसैनिकों का दल था। 

भारतीय वायुसेना के शुरूआती विमानों में से एक वेस्टलैंड वापिटी है। वैसे भारतीय वायुसेना ने सिर्फ देश की रक्षा में ही नहीं बल्कि  बर्मा में  बढ़ती  जापानी सेना को रोकने के लिए जमकर भागीदारी निभाई थी और अपना पहला हवाई हमला अराकन में जापानी सैन्य छावनी पर किया था। 

indian air force history in glorious britishers given name was royal
भारतीय वायु सेना
भारतीय वायुसेना ने माई हंग सन और उत्तरी थाइलैंड के चैंग माई व चैंग राए में भी जापानी हवाई अड्डों पर हमले किए थे। अपने योगदान के लिए 1945 में राजा जॉर्ज VI नें इसे रॉयल कि उपाधि दी थी। वैसे हमारी सेना कई बार कई देशों में अभियान चला चुकी है। वायु सेना यूएन मिशन में शामिल रही है। सोमालिया, सियेरा लियोन, सुडान और कांगो में भी कार्रवाई कर चुकी है।
 
1962 में भारत-चीन के युद्ध में वायुसेना ने अपनी पूरी ताकत दिखाई थी। भारत को भले ही इस युद्ध में शिकस्त मिली हो लेकिन वायुसेना की ताकत उभार पर थी।  और मजबूती की ओर बढ़ रही थी। भारत चीन के यु्द्ध के महज तीन साल बाद भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ और तब वायुसेना की ताकत का सेना पूरा इस्तेमाल किया। वायुसेना ने पाकिस्तानी वायुसेना के हवाई अड्डो को ध्वस्त कर दिया।

1965 के बाद भारतीय वायुसेना ने एक नई ईबारत लिखी और पैरा कमांडो रेजिमेंट के साथ वायुसेना का बेड़ा बढ़ता गया। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स द्वारा बनाए गए 72 एचएस 748 विमान, सुखोई, मिग-21, सखोई-7, मिराज, एवरो, डॉनियर, चेतक और चीता जैसे कई लड़ाकू विमान शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed