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समझौता: सुपर हरक्यूलिस विमानों के रखरखाव के लिए लॉकहीड मार्टिन को 2440 करोड़ का ठेका
Wed, 25 Aug 2021 07:23 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 25 Aug 2021 07:23 AM IST
सार
- वायु सेना के आधिकारिक वक्तव्य में बताया गया कि यह पांच वर्ष का कॉन्ट्रैक्ट ‘फॉलो ऑन सपोर्ट (एफओएस) 2 श्रेणी’ का है। इसके तहत लॉकहीड मार्टिन विमान के तकनीकी प्रोग्राम, इंजीनियरिंग सपोर्ट और अन्य जरूरतों को पूरा करेगी।
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Super Hercules Aircraft
- फोटो : Lockheed Martin
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विस्तार
लॉकहीड मार्टिन को भारतीय वायुसेना से 328.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,440 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। इसके तहत वह वायुसेना के 12 सी-130जे-30 सुपर हरक्यूलिस विमानों की सारसंभाल करेगी। विश्व में लॉकहीड मार्टिन ही इन विमानों की ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) है। यह विमान 22 देशों में टैक्टिकल एअरलिफ्टर के तौर पर इस्तेमाल हो रहे हैं।
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वायु सेना के आधिकारिक वक्तव्य में बताया गया कि यह पांच वर्ष का कॉन्ट्रैक्ट ‘फॉलो ऑन सपोर्ट (एफओएस) 2 श्रेणी’ का है। इसके तहत लॉकहीड मार्टिन विमान के तकनीकी प्रोग्राम, इंजीनियरिंग सपोर्ट और अन्य जरूरतों को पूरा करेगी।
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इससे पूर्व भी 5 वर्ष के लिए इसी कंपनी से एफओएस-1 करार किया गया था, जिसके पूरा होने पर यह नया करार हुआ है। कंपनी के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक रॉड मैक्लीन ने कहा कि भारतीय वायुसेना के साथ समझौता जारी रहना उनके लिए सम्मान की बात है। भारतीय वायुसेना की सी-130जे फ्लीट विश्व की सबसे सक्रिय फ्लीट है। उनकी कंपनी हर मिशन के लिए इन जहाजों को समय पर तैयार रखेगी।
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जटिल व संकटपूर्ण मिशन में इस्तेमाल
इन विमानों का बेहद जटिल मिशन में इस्तेमाल होता है। इनमें आकाश में ही ईंधन भरने की क्षमता है, ताकि यह ज्यादा दूरी तक इस्तेमाल हो सकें। भारत में इनका उपयोग कई महत्वपूर्ण मिशन में हुआ, जिनमें किसी मानव त्रासदी के दौरान रसद पहुंचाने, लोगों को किसी क्षेत्र से निकालने और प्राकृतिक आपदाओं के समय मदद देने के मिशन प्रमुख हैं। हाल में वायुसेना ने अपने 12 सुपर हरक्यूलिस विमानों को कोरोना महामारी के दौरान राहत सामग्री, उपकरण पहुंचाने में किया है।