फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india-us-sria-russia-iran-sanctions-vikram-misri-concerns-bilateral-ties-energy-market

ट्रंप का 100 फीसदी टैरिफ वाला कानून: भारत ने अमेरिका के सामने जताई चिंता, विदेश सचिव ने उठाया कौन सा मुद्दा?

Tue, 29 Sep 2026 10:42 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Tue, 29 Sep 2026 10:42 PM IST
सार

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में हुई बैठक में रूस और ईरान से जुड़े नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के संभावित प्रभावों पर भारत की चिंता सामने रखी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठाया गया।

विज्ञापन
india-us-sria-russia-iran-sanctions-vikram-misri-concerns-bilateral-ties-energy-market
भारत ने जताई चिंता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान रूस और ईरान पर हाल में लागू हुए प्रतिबंध कानून एसआरआईए के असर को लेकर भारत की चिंता जाहिर की। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि यह बैठक रविवार को दिल्ली में हुई थी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट ने किया।
विज्ञापन


बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
जायसवाल ने कहा, "बैठक में द्विपक्षीय प्रकृति के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश सचिव ने एसआरआईए कानून को लेकर हमारी चिंताओं से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इसका द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर किस तरह का प्रभाव पड़ सकता है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को कानून का रूप दिया है। यह कानून उन्हें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इनमें चीन और भारत भी शामिल हैं।

भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर भी सवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से अगले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा की संभावित समयसीमा को लेकर भी सवाल किया गया। जायसवाल ने कहा, "रूस के साथ पिछला वार्षिक शिखर सम्मेलन भारत में हुआ था और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेजबानी करके हमें खुशी हुई थी। अगली बैठक रूस में होगी और अभी इसमें कुछ समय है। इस संबंध में जो भी जानकारी होगी, हम आपको बताते रहेंगे।"


प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 4 और 5 दिसंबर 2025 को भारत की राजकीय यात्रा की थी। इस दौरान 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था। इस शिखर सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बैठक का उद्देश्य भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भविष्य की दिशा तय करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed