फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   shocking figure 147 country report violence against adolescent boys aiims calls for separate investigation

चौंकाने वाला आंकड़ा : भारत समेत 147 देशों की रिपोर्ट...एम्स ने अलग तरह से जांच की जरूरत बताई

Himanshu Mishra हिमांशु अरविंद मिश्र
Updated Wed, 30 Sep 2026 04:53 AM IST
सार

दुनिया के 147 देशों के आंकड़ों ने किशोर लड़कों के साथ यौन हिंसा की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट में 14 से 17 साल के लड़कों को सबसे ज्यादा जोखिम में पाया गया, भारत के आंकड़े भी शामिल हैं। आखिर एम्स ने इस मामले की अलग तरह से जांच की जरूरत क्यों बताई? पढ़िए रिपोर्ट

विज्ञापन
shocking figure 147 country report violence against adolescent boys aiims calls for separate investigation
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

यौन हिंसा को अक्सर लड़कियों और महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन नई वैश्विक रिपोर्ट ने किशोरों को लेकर भी गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 साल की उम्र से पहले हर 100 किशोरों में करीब 17 ने किसी न किसी तरह की यौन हिंसा झेली। इसमें जबरन छूना, यौन हमला और बिना छुए की जाने वाली यौन हरकतें भी शामिल हैं।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने भारत समेत 147 देशों की 1,412 शोध रिपोर्टों का विश्लेषण किया। करीब 29 लाख पुरुषों के आंकड़े शामिल थे। एक साल के अंदर दुनिया में करीब 6.09 करोड़ लड़के यौन हिंसा के शिकार हुए। इनमें करीब 3.48 करोड़ लड़कों के साथ दुष्कर्म या यौन हमला होने का अनुमान है। मंगलुरु में किशोर लड़कों पर हुई एक शोध में करीब 18 फीसदी ने यौन उत्पीड़न का अनुभव बताया। 
विज्ञापन


14 से 17 साल के ज्यादा पीड़ित
रिपोर्ट के मुताबिक, 14 से 17 साल के लड़कों में यौन हिंसा की दर सबसे ज्यादा रही। इस आयु वर्ग में पिछले एक साल में किसी भी तरह की यौन हिंसा की अनुमानित दर 10.7 फीसदी थी। 10 से 13 साल के लड़कों में यह 7.5% रही। 9 साल तक के बच्चों में संपर्क वाली यौन हिंसा की दर 1.4 फीसदी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट: 46 आईपीएस अफसरों की प्रतिनियुक्ति मामला लिस्ट से बाहर कैसे? शीर्ष अदालत ने रजिस्ट्री से जवाब मांगा

अध्ययन के अनुसार, परिचित लोग, परिवार और रिश्तेदारी के दायरे से जुड़े यौन शोषण के आरोपी भी मिले। हालांकि, अजनबी आरोपी अपेक्षाकृत ज्यादा सामने आए। खासतौर पर विशेष परिस्थितियों में रह रहे लड़कों में अजनबी सबसे आम आरोपी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed