पाक राजनयिक पर शिकंजा कसने की कोशिश में भारत, रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की शुरू की प्रक्रिया
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वर्ष 2014 में दक्षिण भारत स्थित अमेरिकी और इजरायली वाणिज्य दूतावासों पर आतंकी हमले की साचिश रचने के मामले में भारत पाकिस्तान के एक राजनयिक पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। इस क्रम में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप पत्र तैयार करने के बाद संबंधित राजनयिक के लिए रेड कार्नर नोटिस हासिल करने के लिए फ्रांस स्थित इंटरपोल के मुख्यालय से संपर्क साधेगा। गौरतलब है कि तब कोलंबो स्थित पाकिस्तानी दूतवास में वीजा परामर्शदाता के रूप में कार्यरत राजनयिक अमीर जुबैर सिद्दीकी का नाम इस साजिश में सामने आया था। आरोप पत्र में सिद्दीकी का नाम बतौर साजिशकर्ता शामिल किया गया है।
कोलंबो पाक उच्चायोग में कार्यरत राजनयिक ने दक्षिण भारत में आतंकी हमले की रची थी साजिश
सूत्रों के मुताबिक अप्रैल 2014 में वाणिज्य दूतावासों पर हमले की साजिश का खुलासा श्रीलंकाई नागरिक साकिर हुसैन की गिरफ्तारी से सामने आया था। उस दौराना अमेरिका ने चेन्नई स्थित अपने और बंगलुरू स्थित इजरायल के उच्चायोग पर आतंकी हमले की साजिश की जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों से साझा की थी। इसी सूचना के आधार पर हुसैन की गिरफ्तारी हुई थी। उससे हुई पूछताछ में किसी शाहजी का भा नाम सामने आया था।
आरोप पत्र तैयार करने के बाद इंटरपोल से संपर्क साधेगा एनआईए
पूछताछ में हुसैन ने इस साजिश में सिद्दीकी की भूमिका स्वीकार की थी। उसने एनआईए को यह भी बताया था कि आतंकी हमले को ले कर श्रीलंका में पाकिस्तानी अधिकारियों और बैंकाक के दो फिदायीन हमलावरों के बीच कई बैठकें हुई थी। पूछताछ में एनआईए को हमले का कोड भी हासिल हुआ था। इस क्रम में अमेरिकी दूतावास पर हमले को शादी का हॉल और कुड कोड दिया था।
इस मामले में पाकिस्तान के लिए मुश्किल की बात यह है कि इस साजिश की जानकारी भारतीय एजेंसियों को अमेरिकी एजेंसियों ने दी थी। चूंकि हमला अमेरिकी वाणिज्य दूतवास पर होना था, ऐसे में अमेरिका इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाएगा।